Pramod Bhanagire On Pune Bandh: MPSC छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच विधायक रोहित पवार की ओर से घोषित पुणे बंद का शिवसेना के पुणे शहर प्रमुख प्रमोद नाना भानगिरे ने विरोध किया है।
उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें जायज हैं और उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने का पूरा अधिकार है, लेकिन छात्रों के मुद्दे पर पूरा शहर बंद कर आम नागरिकों को परेशान करना उचित नहीं है। उन्होंने रोहित पवार से पुणे बंद के फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की।
भानगिरे ने कहा कि MPSC आयोग के अध्यक्ष के इस्तीफे सहित विभिन्न मांगों को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं। सरकार और संबंधित एजेंसियों को छात्रों की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए उनसे बातचीत करनी चाहिए। छात्रों को अपनी मांगों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखना चाहिए, लेकिन आंदोलन का असर आम पुणेकरों के रोजमर्रा के जीवन पर नहीं पड़ना चाहिए।
उन्होंने कहा, MPSC छात्रों की मांगें जायज हैं और उनके लिए लोकतांत्रिक तरीके से लड़ाई जारी रहनी चाहिए। लेकिन छात्रों के सवाल पर पूरा पुणे बंद कर आम पुणेकरों को परेशान करना कितना उचित है? छात्रों के लिए जरूर लड़ें, लेकिन इसके लिए पुणेकरों को परेशान न करें।
भानगिरे के मुताबिक पुणे शहर की अर्थव्यवस्था विभिन्न क्षेत्रों पर निर्भर है। कामगारों, छोटे-बड़े कारोबारियों, दुकानदारों, ऑटो चालकों, सेवा क्षेत्र के कर्मचारियों और रोजाना की कमाई पर निर्भर नागरिकों का कामकाज शहर से जुड़ा है। ऐसे में शहर बंद रहने से रोजगार, कारोबार और दैनिक व्यवहार पर सीधा असर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि किसी एक मुद्दे पर पूरा शहर बंद करने की परंपरा आगे चलकर हर मुद्दे पर बंद के राजनीतिक रास्ते को बढ़ावा दे सकती है। आंदोलन का अधिकार लोकतंत्र में है, लेकिन इसका खामियाजा आम नागरिकों को नहीं भुगतना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि छात्रों की जायज मांगों के लिए आवाज उठाई जाए, लेकिन पुणेकरों को परेशान करने वाला रास्ता न अपनाया जाए।
नवभारत लाइव के लिये समीर सय्यद की रिपोर्ट