पुणे मनपा की योजना: शहर की बाहरी सीमाओं पर बनेंगे 4-5 नए अत्याधुनिक डामर प्लांट, सड़कों की सुधरेगी गुणवत्ता

Pune Municipal Corporation Hot Mix Plant: पुणे की महापौर मंजुषा नागपुरे ने शहर के 5 प्रशासनिक जोन की सीमाओं पर नए अत्याधुनिक डामर प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है।
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पुणे महानगरपालिका (PMC)सोर्स- सोशल मीडिया
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Pune PMC Decentralization Asphalt Plant: पुणे शहर के लगातार हो रहे विस्तार और नई सड़कों के निर्माण के कारण पुणे महानगरपालिका (PMC) के एकमात्र डामर प्लांट (Asphalt Plant) पर अत्यधिक दबाव बढ़ गया है। इस समस्या के स्थायी समाधान और सड़कों के डामरीकरण कार्य को समय पर पूरा करने के लिए डामर उत्पादन के विकेंद्रीकरण की तैयारी शुरू हो गई है।

महापौर मंजुषा नागपुरे ने मनपा आयुक्त को पत्र लिखकर शहर के पांचों प्रशासनिक जोन की बाहरी सीमाओं पर 4 से 5 नए अत्याधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल डामर प्लांट स्थापित करने की मांग की है।

लंबी दूरी के कारण डामर ठंडा होने से प्रभावित होती है गुणवत्ता

वर्तमान व्यवस्था में डामर का उत्पादन केवल एक ही स्थान पर केंद्रित होने के कारण शहर के दूर-दराज के इलाकों तक गरम डामर पहुंचाने में काफी समय और धन बर्बाद होता है। शहर में दिन-प्रतिदिन बढ़ती ट्रैफिक जाम की समस्या के कारण डामर ढोने वाले वाहनों को दूरी तय करने में भारी देरी होती है, जिससे डामर का तापमान काफी गिर जाता है।

ठंडा डामर उपयोग में लाने से सड़कों की गुणवत्ता और उम्र बुरी तरह प्रभावित होती है। साथ ही लंबी दूरी तय करने से ईंधन और परिवहन खर्च में भी अनावश्यक वृद्धि होती है।

नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा और 'नो-डेवलपमेंट बफर जोन' का सुझाव

महापौर मंजुषा नागपुरे ने अपने पत्र में डामर प्लांट से निकलने वाले जहरीले धुएं, हानिकारक गैसों और धूलकणों से आसपास की बस्तियों में रहने वाले नागरिकों को होने वाली सांस की बीमारियों और आंखों में जलन जैसे स्वास्थ्य जोखिमों पर चिंता जताई है।

नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए सभी नए प्लांट शहर की सीमा से बाहर स्थापित करने और वहां आवासीय अतिक्रमण रोकने के लिए विकास योजना (Development Plan) में 'नो-डेवलपमेंट बफर जोन' (No-Development Buffer Zone) घोषित करने का सुझाव दिया गया है।

लंबी दूरी के कारण डामर ठंडा होने से प्रभावित होती है गुणवत्ता

महापौर ने अपने पत्र में डामर प्लांट से निकलने वाले जहरीले धुएं, हानिकारक गैसों और धूलकणों से आसपास की बस्तियों में रहने वाले नागरिकों को होने वाली सांस की बीमारियों और आंखों में जलन जैसे स्वास्थ्य जोखिमों पर चिंता जताई है।

नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए सभी नए प्लांट पुणे शहर की सीमा से बाहर स्थापित करने और वहां आवासीय अतिक्रमण रोकने के लिए विकास योजना (Development Plan) में 'नो-डेवलपमेंट बफर जोन' (No-Development Buffer Zone) घोषित करने का सुझाव दिया गया है।

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MPC standards के तहत अत्याधुनिक प्लांट का निर्माण

महापौर ने स्पष्ट किया है कि सभी नए प्लांट महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) के मानकों के अनुरूप और अत्याधुनिक ग्रीन टेक्नोलॉजी पर आधारित होने चाहिए। उन्होंने मनपा आयुक्त से पांचों जोन के लिए विस्तृत कार्ययोजना (Action Plan) तैयार कर तुरंत प्रशासनिक कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया है।

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