MPSC अध्यक्ष के इस्तीफे पर CM फडणवीस का बड़ा बयान! बोले- यह राज्य के हाथ में नहीं, जानें क्यों

Devendra Fadnavis Statement: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे पर स्थिति साफ की। साथ ही दिल्ली में चल रहे आंदोलन को लेकर राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला।
Devendra Fadnavis Statement
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीससोर्स: सोशल मीडिया
Published on: 
Updated on: 

Devendra Fadnavis On MPSC Chairman Resignation: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे में चल रहे MPSC छात्र आंदोलन और MPSC अध्यक्ष के इस्तीफे को लेकर बड़ा बयान दिया है। साथ ही दिल्ली में राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि संविधान को हाथ में लेकर देश की संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर बताने का प्रयास किया जा रहा है।

विद्यार्थियों के कंधे पर रखकर लड़ी जा रही राजनीतिक लड़ाई

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पहले यह धारणा बनाई जा रही है कि संविधान से बनी सभी संस्थाएं काम की नहीं हैं और बाद में कहा जाएगा कि संविधान न्याय नहीं दे सकता। फडणवीस ने कहा कि देश की सभी लोकतांत्रिक संस्थाओं को खत्म करने की मांग चरम स्तर तक पहुंच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यार्थियों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीतिक लड़ाई लड़ी जा रही है।

MPSC अध्यक्ष के इस्तीफे पर क्या बोले सीएम फडणवीस?

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर पूरी तरह सकारात्मक है और उनके कई मुद्दों पर निर्णय लिए जा चुके हैं। MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोग के अध्यक्ष को हटाना या उनका इस्तीफा स्वीकार करना राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं है।

MPSC अध्यक्ष को हटाने का अधिकारी केवल राष्ट्रपति के पास

सीएम फडणवीस ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत आयोग के अध्यक्ष को राष्ट्रपति ही हटा सकते हैं और इसके लिए सर्वोच्च न्यायालय की सिफारिश आवश्यक होती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जिस समय पेपर लीक हुआ था, उस समय वर्तमान एमपीएससी अध्यक्ष पद पर नहीं थे। इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करने से पहले इस तथ्य पर भी विचार किया जाना चाहिए।

हालांकि विद्यार्थियों में विश्वास कायम करने के लिए सरकार ने आयोग के वर्तमान और पूर्व अध्यक्षों की जांच कराने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो अनुच्छेद 317 के तहत राष्ट्रपति से कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सरकार ने सोमवार को राज्यपाल से भी अनुरोध किया है।

Devendra Fadnavis Statement
महायुति में तनातनी के बीच पीएम मोदी और अमित शाह से मिले एकनाथ शिंदे, दिल्ली में 1 घंटे तक क्या हुई बात?

CM फडणवीस बोले- आदिवासी विद्यार्थियों की मांगें मानीं

आदिवासी विद्यार्थियों के आंदोलन को लेकर सीएम फडणवीस ने कहा कि सरकार ने उनकी मांगें स्वीकार की हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मांगें मानने के बाद विद्यार्थियों ने उनका अभिनंदन भी किया था, लेकिन कुछ लोग अपनी राजनीतिक नेतृत्व की जमीन मजबूत करने के लिए विद्यार्थियों के आंदोलन का इस्तेमाल कर रहे हैं।

मुंबई पुलिस के संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पुलिस पेशेवर तरीके से काम करती है और किसी के खिलाफ गलत कार्रवाई नहीं करती।

सूखे को लेकर 23 हजार गांवों का सर्वे

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य की सूखे की स्थिति पर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पेयजल को सबसे पहली प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है। राज्य के करीब 23 हजार गांवों का सर्वेक्षण किया जा चुका है। केंद्र सरकार की टीम 11 अक्टूबर को महाराष्ट्र आएगी। फडणवीस ने कहा कि केंद्र से जल्द से जल्द आर्थिक सहायता प्राप्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

Devendra Fadnavis Statement
पुलिस बलों का सम्मान, छात्रों और कर्मचारियों के भत्ते में भारी इजाफा, पढ़ें महाराष्ट्र कैबिनेट के 5 बड़े फैसले

गोकुल चुनाव हसन मुश्रीफ के नेतृत्व में लड़ेगी महायुति

कोल्हापुर जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ यानी ‘गोकुल’ के चुनाव को लेकर सीएम फडणवीस ने कहा कि महायुति इस चुनाव को मिलकर लड़ेगी। हसन मुश्रीफ इस चुनाव में नेतृत्व कर रहे हैं और उनके नेतृत्व में ही चुनाव लड़ा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी व्यक्तिगत स्तर पर इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com