60 साल पुरानी 33 केवी लाइन से 15 गांवों की बिजली प्रभावित।
कटौती से किसानों, ग्रामीणों और व्यापारियों को परेशानी।
मरम्मत नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी।
Manchar Narayangaon Ghodegaon MSEDCL Power Line: नारायणगांव से घोडेगांव के बीच बिछाई गई 33 केवी बिजली लाइन करीब 60 साल पुरानी हो चुकी है। जर्जर खंभों, तारों और उपकरणों में जंग लगने के कारण क्षेत्र में बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। इसका असर 15 गांवों के किसानों, ग्रामीणों और व्यापारियों पर पड़ रहा है।
महावितरण और शासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन किया जाएगा। यह चेतावनी साकोरे के पूर्व सरपंच एवं महावितरण के पूर्व सदस्य अशोकराव मोढवे ने दी है।
बिजली आपूर्ति बार-बार ठप होने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्याज की रोपाई के लिए मजदूर बुलाने के बावजूद बिजली नहीं मिलने से खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। ऐसे में किसानों को मजदूरों की अतिरिक्त लागत उठानी पड़ रही है। समय पर सिंचाई नहीं होने से खेती का काम भी प्रभावित हो रहा है।
बिजली संकट का असर ग्राम पंचायतों की जलापूर्ति व्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। नियमित बिजली नहीं मिलने से पानी की मोटरें नहीं चल पा रही हैं। इसके कारण ग्रामीणों को पेयजल के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
श्री क्षेत्र वडगांव से भीमाशंकर परिसर तक के छोटे-बड़े व्यवसाय भी लगातार बिजली कटौती से प्रभावित हो रहे हैं। बार-बार बिजली गुल होने के कारण कारोबार का कामकाज बाधित होता है। इससे स्थानीय व्यापारियों और व्यवसायियों के सामने आर्थिक मुश्किलें खड़ी हो रही हैं।
अशोकराव मोढवे ने कहा कि नारायणगांव-घोडेगांव 33 केवी बिजली लाइन की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। नियमित देखभाल और मरम्मत नहीं होने से तार टूटने तथा बिजली आपूर्ति बाधित होने की घटनाएं लगातार हो रही हैं। उन्होंने महावितरण से जर्जर खंभों, तारों और उपकरणों की तत्काल मरम्मत कर क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।