प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स- सोशल मीडिया
पुणे

Pune Drought: पुणे की 8 तहसीलें सूखाग्रस्त घोषित, किसानों को मिलेंगी कर्ज से लेकर बिजली बिल तक राहत

Maharashtra Drought News: महाराष्ट्र सरकार ने 265 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया है। इसमें पुणे की 8 तहसीलें शामिल हैं, जहां किसानों को कर्ज वसूली पर रोक और बिजली बिल में राहत दी जाएगी।

रूपम सिंह

Maharashtra Drought Declaration: बारिश में लंबे अंतराल, वर्षा की कमी और भूजल स्तर में गिरावट के बीच राज्य सरकार ने पुणे जिले की आठ तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया है।राज्य की 265 सूखाग्रस्त तहसीलों की सूची में पुणे के भोर, वेल्हे, खेड, शिरूर, बारामती, इंदापुर, दौंड और पुरंदर का समावेश है।

सरकार के इस फैसले से इन क्षेत्रों के प्रभावित किसानों को विभिन्न रियायतों और राहत योजनाओं का लाभमिलने का रास्ता साफ हुआ है। इन तहसीलों में खरीफ फसलों पर मौसम की प्रतिकूल स्थिति का असर पड़ा है। कई क्षेत्रों में खेती के साथ पेयजल और पशुओं के चारे को लेकर भी चिंता बढ़ी है। सरकार ने सूखे के निर्धारित मानकों और उपलब्ध आंकड़ों की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया है।

राजस्व में मिलेगी राहत

सूखाग्रस्त क्षेत्रों में संबंधित वर्ष का जमीन राजस्व पूरी तरह माफ करने का प्रावधान है। इसके अलावा फसल कर्ज की वसूली पर रोक, अल्पावधि फसल कर्ज का मध्यम अवधि के कर्ज में पुनर्गठन और कृषि पंपों के बिजली बिल में रियायत जैसे उपाय लागू किए जाएंगे। किल्लत की स्थिति में कृषि पंपों के बिजली कनेक्शन नहीं काटने के निर्देश भी दिए जाएंगे।

नुकसान का पंचनामा, सीधे खाते में मदद

प्राकृतिक आपदा से फसलों को हुए नुकसान के लिए पात्र किसानों को एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के निर्धारित नियमों के अनुसार सहायता दी जाएगी। नुकसान का आकलन और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र लाभार्थियों को सहायता राशि सीधे बैंक खातों में दिए जाने का प्रावधान है।

प्रभावित किसानों के बच्चों के स्कूल और कॉलेज की परीक्षा फीस माफ करने, मनरेगा के नियमों में शिथिलता देकर मांग के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाएगी। जरूरत पड़ने पर पेयजल के लिए टैंकर तथा पशुधन के लिए चारा छावनी या चारा डिपो शुरू किए जाएंगे।

राज्य के 256 तहसीलों में 'ट्रिगर-1' लागू होने से किसानों को विभिन्न रियायतों के साथ आगामी समय में आर्थिक सहायता भी मिलेगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार और एकनाथ शिंदे किसानों की मदद के लिए तत्पर है। इस निर्णय से स्पष्ट है कि महायुति सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है।
रोहन सुरवसे पाटील, नेता, राष्ट्रवादी कांग्रेस, पुणे
सरकार घोषणाएं अब भी कागजों तक सीमित हैं। किसानों को भाषण नहीं, तत्काल नकद सहायता चाहिए। किसान, खेत मजदूर और पशुपालक आर्थिक संकट में है, जबकि पंचनामा के नाम पर राहत में देरी की जा रही है। केंद्र सरकार से पर्याप्त निधि लाना और किसानों को रबी की बुआई के लिए तत्काल मदद देना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। फसल बीमा कंपनियों से नुकसान का मुआवजा दिलाने के लिए भी सरकार को सख्ती से पैरवी करनी होगी।
हनुमंत पवार, प्रवक्ता, महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस

बद्रीनाथ-ऋषिकेश हाईवे पर मुश्किल में फंसे तीर्थयात्री! भारी बारिश से गिरा चट्टान, इलाके में रेड अलर्ट जारी

SIR Controversy: चुनाव आयोग पर सवाल उठाने पर भड़कीं CM रेखा गुप्ता, बोलीं- लोकतंत्र को कमजोर कर रहा विपक्ष

Ram Mandir: चंपत राय को भेजा था ₹2.25 लाख का VIDEO, SIT चार्जशीट में क्या-क्या? राम मंदिर में NSG कमांडो तैनात

PM Modi Mann Ki Baat Live: मन की बात का 138वां कार्यक्रम, आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस की नीति

Faridabad: नमो मैराथन में उमड़ा 1.35 लाख युवाओं का सैलाब, CM नायब सैनी और शिखर धवन ने दिखाई हरी झंडी