मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की 'मिसिंग लिंक' टनल के पास भूस्खलन, विपक्ष ने उठाए सवाल, MSRDC ने कहा- प्राकृतिक आपदा

Missing Link Project Updates: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के 'मिसिंग लिंक' प्रोजेक्ट में भूस्खलन पर विपक्ष ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं, जबकि MSRDC ने इसे प्राकृतिक आपदा करार दिया है।
Following a landslide near the Mumbai-Pune Expressway 'Missing Link' tunnel, the opposition alleged corruption while MSRDC termed it a natural calamity.
'मिसिंग लिंक' प्रोजेक्ट, रोहित पवार, संजय राऊत (साेर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
Published on
Updated on

Mumbai Pune Expressway Missing Link Project: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के 'मिसिंग लिंक' प्रोजेक्ट के सुरंग (टनल) के पास भूस्खलन होने से मार्ग बंद होने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। हालांकि, महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल (एमएसआरडीसी) ने इस घटना को 'दैवी प्रकोप' (प्राकृतिक आपदा) करार देते हुए कहा है कि इसमें ठेकेदार की कोई गलती नहीं है। एमएसआरडीसी के उपाध्यक्ष अनिलकुमार गायकवाड ने बताया कि भारी बारिश के कारण पहाड़ की लगभग 150 मीटर ऊंचाई से बड़े-बड़े पत्थर खिसककर सुरंग के प्रवेश द्वार के पास आ गिरे। इससे बाहरी सुरक्षा दीवार को नुकसान पहुंचा, लेकिन सुरंग की मुख्य संरचना पूरी तरह सुरक्षित है।

महामंडल के अधिकारियों के अनुसार, आईआईटी मुंबई के प्रमाणित अध्ययन के आधार पर सुरंग की सुरक्षा के लिए रॉक बोल्ट, स्टील जाल और भूस्खलन रोकने के अन्य उपाय किए गए थे। ये सुरक्षा उपाय सुरंग के ऊपर लगभग 15 मीटर तक प्रभावी हैं, लेकिन इस बार चट्टानें इससे कहीं अधिक ऊंचाई से गिरीं। गायकवाड ने कहा कि बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा जाल को और अधिक ऊंचाई तक बढ़ाने की संभावना पर विचार किया जाएगा। इतनी तीव्र वर्षा के सामने इंजीनियरिंग उपायों की भी सीमाएं होती हैं।

भ्रष्टाचार को 'लिंक' करने वाला प्रोजेक्ट रोहित

'मिसिंग लिंक' प्रोजेक्ट के निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और गंभीर अनियमितताएं होने का आरोप राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद गुट) के विधायक रोहित पवार ने लगाया है। उन्होंने कहा कि यह भ्रष्टाचार को लिंक करने वाला प्रोजेक्ट बन गया है।

उन्होंने इस परियोजना का निर्माण करने वाली नवयुगा इंजीनियरिंग और अफकॉन्स इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग की, रोहित ने कहा कि मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट के उद्घाटन के समय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया था कि यह मार्ग पूरी तरह सुरक्षित है और भविष्य में यहां यातायात जाम की समस्या नहीं होगी लेकिन उ‌द्घाटन के महज दो महीने के भीतर ही इस मार्ग पर भारी ट्रैफिक जाम देखने को मिला।

राज्य की प्रतिष्ठा धूमिल : राऊत

भूस्खलन को लेकर उद्धव गुट के सांसद संजय राऊत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर तीखा हमला बोला। मीडिया से बातचीत में राऊत ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में महाराष्ट्र की प्रतिष्ठा को जो नुकसान पहुंचा है। उसका ताजा उदाहरण 'मिसिंग लिक' परियोजना है।

उन्होंने कहा कि देश में दो लोगों की पोल खुल चुकी है एक 'विकास पुरुष' नरेंद्र मोदी और दूसरे 'इनकामैन' देवेंद्र फडणवीस। 'मिसिंग लिंक' परियोजना पर करीब 6,700 करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन पहली ही भारी बारिश में इसकी पोल खुल गई।

सरकार का पैसा बह गया, लेकिन कमीशन और दलाली नहीं बही। उन्होंने नासिक कुंभ मेले की तैयारियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकांश ठेके गुजरात के ठेकेदारों को दिए गए हैं, इससे बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होने की आशंका है। मुंबई में पुलों के निर्माण कार्यों का उल्लेख करते हुए संजय राऊत ने कहा कि 56 पुलों का निर्माण हमारे कार्यकाल में हुआ अतः शिवसेना को उपदेश देने की जरूरत नहीं है।

Navbharat Live
navbharatlive.com