Pakistani Gangster Shahzad Bhatti Sleeper Cell: महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने देश की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े एक खतरनाक नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एटीएस की कई टीमों ने पुणे, पिंपरी-चिंचवड़ सहित राज्य के विभिन्न इलाकों में एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। एटीएस की इस अचानक हुई कार्रवाई से संदिग्धों में हड़कंप मच गया है। कई ठिकानों से संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए गए हैं और पूछताछ के लिए कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।
महाराष्ट्र एटीएस के मुताबिक, शुरुआती जांच में एक बेहद चौंकाने वाला और चिंताजनक पैटर्न सामने आया है। पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी अपने सहयोगियों के साथ मिलकर सोशल मीडिया के जरिए भारतीय युवाओं तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहा था। इसके लिए फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा था। एटीएस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और सभी संदिग्ध संपर्कों की पड़ताल की जा रही है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, शहजाद भट्टी के साथ उसके सहयोगी आबिद जाट, अजमल गुजर और हम्माद मेमन भी इस नेटवर्क का हिस्सा हैं। ये सभी फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं से संपर्क स्थापित कर रहे थे।
प्रारंभिक जांच यह भी खुलासा हुआ है कि यह गैंग धार्मिक और सामाजिक रूप से संवेदनशील मुद्दों का इस्तेमाल कर युवाओं का ब्रेनवॉश करने और उन्हें देश के खिलाफ भड़काने की कोशिश कर रहा था। इतना ही नहीं, बेरोजगार और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को पैसों का लालच देकर उन्हें इस कथित देश विरोधी नेटवर्क और स्लीपर सेल का हिस्सा बनाने की भी कोशिश की जा रही थी। फिलहाल महाराष्ट्र एटीएस की कार्रवाई जारी है।
यह भी पढ़ें:- लाडकी बहिन योजना: e-KYC के बाद 92 लाख महिलाएं लिस्ट से बाहर? CAG ने उठाए सवाल, मंत्री अदिति तटकरे ने दिया जवाब
आपको बता दें कि यह एटीएस की कोई पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले 10 जुलाई को भी महाराष्ट्र एटीएस ने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के संपर्क में आए संदिग्धों के खिलाफ बड़ा तलाशी और पूछताछ अभियान चलाया था। उस दौरान एटीएस की 14 यूनिटों की 58 टीमों ने राज्यभर में 102 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका थी कि शहजाद भट्टी सोशल मीडिया के माध्यम से भारतीय युवाओं को देश विरोधी गतिविधियों के लिए उकसाने की कोशिश कर रहा है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)