सोशल मीडिया पर 'पाकिस्तानी गैंगस्टर' से संपर्क पड़ा भारी; नागपुर और विदर्भ से 17 युवक गिरफ्तार

Nagpur Vidarbha ATS: विदर्भ में एटीएस ने पाकिस्तान के संगठित अपराध गिरोह से कथित सोशल मीडिया संपर्क के मामले में नागपुर समेत विभिन्न जिलों से 17 संदिग्धों को हिरासत में लेकर जांच शुरू की है।
Contacting a 'Pakistani gangster' on social media proves costly; 17 youths arrested from Nagpur and Vidarbha.
नागपुर, पाकिस्तान गैंग, सोशल मीडिया संपर्क, (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur Vidarbha ATS Social Media Link: पाकिस्तान के कुख्यात संगठित अपराध गिरोह से सोशल मीडिया के जरिए कथित संपर्क के मामले में आतंकवाद निरोधक दस्ता ने विदर्भ में बड़ी कार्रवाई की। एटीएस ने गुरुवार देर रात नागपुर समेत विदर्भ के विभिन्न जिलों से 17 संदिग्धों को हिरासत में लिया।

इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और विदेशी नेटवर्क से जुड़े संभावित कनेक्शन की गहन जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हिरासत में लिए गए कुछ लोगों ने पाकिस्तान के चर्चित गैंगस्टर शहजाद भट्टी के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर संदेश भेजे थे। इसके बाद कथित तौर पर उनके बीच संपर्क स्थापित हुआ।

पाकिस्तानी गैंग से सोशल मीडिया कनेक्शन, ATS की जांच तेज

एटीएस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह संपर्क किस उद्देश्य से किया गया था और इसके पीछे किसी संगठित अपराध या अन्य गतिविधि का हाथ तो नहीं है। सूत्रों के अनुसार, एटीएस की कार्रवाई में नागपुर जिले के 4, चंद्रपुर के 3, अमरावती के 2, बुलढाणा के 3, यवतमाल के 2 तथा गोंदिया, गड़चिरोली और वर्धा जिले के 1-1 व्यक्ति को हिरासत में लिया गया।

यह भी जानकारी सामने आई है कि नागपुर में महल, म्हालगीनगर, उप्पलवाड़ी और टेकानाका इलाके से संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। इसमें एक महिला का भी समावेश है। वहीं शुक्रवार की दोपहर 1 व्यक्ति को पूछताछ के बाद छोड़ दिए जाने की जानकारी दी सूत्रों ने दी, सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान में शहजाद भट्टी और राणा उनेन से जुड़े गिरोह संगठित अपराध की दुनिया में सक्रिय माने जाते हैं।

इन गिरोहों की गतिविधियां सिंध, कराची और लाहौर जैसे क्षेत्रों में होने की जानकारी सामने आती रही है। एजेंसियों को आशंका है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, खासकर इंस्टाग्राम जैसे माध्यमों का इस्तेमाल कर युवाओं को अपने नेटवर्क से जोड़ने का प्रयास किया जाता था।

छोटे टास्क से बनाया था संपर्क

जांच में पता लगाया जा रहा है कि क्या संदिग्धों को सोशल मीडिया के माध्यम से किसी तरह के छोटे-छोटे काम या टास्क दिए गए थे। सूत्रों के अनुसार, ऐसे कामों के बदले ऑनलाइन माध्यम से भुगतान किए जाने की बात भी सामने आई है।

अब एटीएस यह जांच कर रही है कि इन टास्क की वास्तविक प्रकृति क्या थी और क्या इनका संबंध किसी अवैध गतिविधि से था। एटीएस इस पूरे मामले में कई पहलुओं पर जांच कर रही है। इसमें संदिग्धों और पाकी गैंगस्टरों के बातचीत का स्वरूप, आर्थिक लेनदेन, संपर्क की अवधि और संभावित गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

अलर्ट पर एजेंसियां

साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इस नेटवर्क का संबंध किसी आतंकी संगदन या राष्ट्रविरोधी गतिविधि से तो नहीं है। कार्रवाई के बाद नागपुर सहित पूरे विदर्भ में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।

सूत्रों के अनुसार जांच में यह भी सामने आया है कि पाकिस्तानी गैंगस्टर द्वारा '333' का उपयोग पहचान के तौर पर किया जा रहा था। किसी भी सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर पाकिस्तानी गैंगस्टर इस विशेष लोगों का उपयोग कर रहे थे, इस बात का खुलासा होते ही सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आई। विदर्भ समेत राज्य भर में हर एंगल से मामले की जांच की जा रही है।

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