रिंग रोड परियोजना सोर्स- सोशल मीडिया
पुणे

इनर रिंग रोड से हिंजवड़ी तक बदलेगी तस्वीर, पुणे के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का मेगा प्लान तैयार

Pune Ring Road Project: पुणे मनपा इनर रिंग रोड हेतु 7.23 लाख वर्गमीटर भूमि अधिग्रहित करेगी। वहीं हिंजवडी आईटी कॉरिडोर की 6 प्रमुख सड़कों का निर्माण कार्य 1 दिसंबर से शुरू करने का लक्ष्य है।

रूपम सिंह

Pune Mega Infrastructure Plan: पुणे महानगर क्षेत्र में दिन-प्रतिदिन विकराल रूप ले रही ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत दिलाने और समग्र बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में दो बेहद महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिए गए हैं।

एक ओर जहां शहर के भीतर प्रस्तावित 'इनर रिंग रोड' परियोजना के लिए 7.23 लाख वर्ग मीटर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति दी गई है, वहीं दूसरी ओर देश के प्रमुख आईटी हब हिंजवडी-मान-मारुंजी क्षेत्र में संपर्क मार्गों के चौड़ीकरण और निर्माण कार्य को 1 दिसंबर से धरातल पर उतारने का लक्ष्य तय किया गया है।

मनपा पर 3,722.50 करोड़ का आर्थिक बोझ

पुणे शहर के अंदरूनी मार्गों पर वाहनों का दबाव कम करने के उद्देश्य से प्रस्तावित इनर रिंग रोड के लिए पुणे महानगरपालिका ने भूमि अधिग्रहण की औपचारिक कवायद तेज कर दी है।

योजना के अंतर्गत वडाचीवाड़ी, पिसोली, येवलेवाड़ी, गुजर निंबालकरवाड़ी, आंबेगांव खुर्द और जांभुलवाड़ी सहित कुल 8 गांवों की 7,23,176 वर्गमीटर भूमि अधिग्रहित की जाएगी।

भूमि अधिग्रहण पर 1,088.50 करोड़ रुपये होंगे खर्च

स्थायी समिति ने मुख्य सभा की मंजूरी की सिफारिश को स्वीकृति दे दी है। इस भूमि अधिग्रहण पर लगभग 1,088.50 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च आएगा, जिसका पूरा वित्तीय भार मनपा प्रशासन को ही वहन करना होगा।

इसके अतिरिक्त, हाई स्पीड कैपेसिटी मास ट्रांसिट रूट परियोजना के भूमि अधिग्रहण हेतु अनुमानित 2,634 करोड़ रुपये की आवश्यकता को मिला दिया जाए, तो केवल इन दो महत्वाकांक्षी यातायात परियोजनाओं के लिए मनपा पर कुल 3,722.50 करोड़ रुपये का भारी-भरकम आर्थिक दायित्व आएगा।

हिंजवडी आईटी कॉरिडोर: 1 दिसंबर से शुरू होगा निर्माण

दूसरी तरफ, हिंजवड़ी आईटी पार्क और आसपास के इलाकों में गंभीर होती यातायात समस्या के स्थायी समाधान हेतु जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि 15 अक्टूबर तक 60 से 70 प्रतिशत भूमि का अग्रिम कब्जा और किसानों की सहमति प्राप्त कर निविदा प्रक्रिया पूरी की जाए, ताकि 1 दिसंबर से प्रत्यक्ष रूप से सड़कों के निर्माण का काम शुरू हो सके।

आईटी कॉरिडोर को सुचारू बनाने के लिए छह प्रमुख सड़कों की पहचान की गई है। इसके अतिरिक्त, स्थानीय आवश्यकताओं को देखते हुए दो वैकल्पिक मार्गों-विप्रो चौक, पुनवले मारुंजी लिंक रोड तथा नहर के समानांतर मार्गों की भी व्यवहार्यता जांच की जा रही है।

पेयजल आपूर्ति पर भी दिए कड़े निर्देश

इस उच्चस्तरीय बैठक में पर्यावरण और बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा भी की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आईटी कंपनियों और निर्माण बिल्डरों द्वारा अनुपचारित (अशोधित) सीवेज जल सीधे नदी में नहीं छोड़ा जाना चाहिए।

उल्लंघन करने वाले औद्योगिक व आवासीय संकुलों पर महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के माध्यम से दंडात्मक कार्रवाई होगी।

पीएमआरडीए द्वारा प्रमुख ग्रामीण क्षेत्रों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने की निविदा प्रक्रिया जारी है। भूमकर चौक और रावेत जैसे प्रमुख चौराहों पर डामरीकरण, गड्डों की मरम्मत और यातायात पुलिस के समन्वय से वैकल्पिक मार्ग खोलकर आईटी कर्मचारियों को तत्काल राहत देने की योजना पर कार्य प्रारंभ हो चुका है।

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