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Pune-Mumbai Expressway: कनेक्टिंग लिंक पर रॉकफॉल प्रोटेक्शन का काम नवंबर तक होगा पूरा, अब तक 30% काम

Pune-Mumbai Expressway: पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे की कनेक्टिंग लिंक पर चट्टानें गिरने से रोकने का अतिरिक्त रॉकफॉल प्रोटेक्शन काम नवंबर तक पूरा होगा। स्विट्जरलैंड की स्टील जालियां लगाई जा रही हैं।

रूपम सिंह

Pune Mumbai Expressway Rockfall Protection: पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे की कनेक्टिंग लिंक पर चट्टानों और बड़े पत्थरों के गिरने के खतरे को कम करने के लिए चल रहा अतिरिक्त रॉकफॉल प्रोटेक्शन कार्य नवंबर तक पूरा होने की संभावना है।

महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) की ओर से आईआईटी मुंबई की सिफारिशों के आधार पर यह सुरक्षा कार्य किया जा रहा है।

भारी बारिश से काम की रफ्तार धीमी

पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे कनेक्टिंग लिंक पर सुरक्षा उपायों का काम बारिश के कारण प्रभावित हुआ है। अब तक करीब 30 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है।

पहाड़ी क्षेत्र में ड्रिलिंग और एंकरिंग जैसे कामों के लिए अपेक्षाकृत शुष्क मौसम की आवश्यकता होती है। ऐसे में बारिश कम होने के बाद काम में तेजी लाने की तैयारी है। एमएसआरडीसी ने नवंबर तक सुरक्षा से जुड़े सभी प्रमुख कार्य पूरे करने का लक्ष्य रखा है।

6 जुलाई को हुआ था बड़ा भूस्खलन

6 जुलाई को हुई भारी बारिश के दौरान एक्सप्रेसवे की कनेक्टिंग लिंक पर बड़ा भूस्खलन हुआ था। टनल नंबर-2 के प्रवेश द्वार के पास पहाड़ी से करीब 17 से 20 टन वजन वाले बड़े पत्थर नीचे आ गिरे थे।

इस घटना के कारण एक्सप्रेसवे पर करीब 20 घंटे तक यातायात प्रभावित रहा था। घटना के बाद पहाड़ी से ढीले पत्थरों के गिरने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा उपायों को मजबूत करने का निर्णय लिया गया।

स्विट्जरलैंड से मंगाई गई स्टील जालियां

रॉकफॉल के खतरे को रोकने के लिए विशेष हाई-टेन्साइल स्टील जालियों और स्टील बैरियर्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। ये सुरक्षा सामग्री स्विट्जरलैंड से मंगाई गई है। इनका उद्देश्य पहाड़ी हिस्से से ढीली चट्टानों और पत्थरों को सड़क तक पहुंचने से रोकना है।

आईआईटी मुंबई शहर की तकनीकी सिफारिशों के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।

टनल के प्रवेश द्वार की फ्रेम भी दुरुस्त

6 जुलाई की घटना में प्रभावित हुए टनल नंबर-2 के प्रवेश द्वार की फ्रेम को भी दोबारा दुरुस्त कर दिया गया है। इसके साथ ही पहाड़ी हिस्से में ड्रिलिंग और एंकरिंग का काम जारी है।

हालांकि, लगातार बारिश के कारण इन कार्यों की गति प्रभावित हुई है। मौसम में सुधार होने के बाद शेष काम को तेजी से पूरा करने की योजना है।

नवंबर तक सुरक्षा कार्य पूरा करने का लक्ष्य

एमएसआरडीसी के सामने अब कनेक्टिंग लिंक पर सुरक्षा कार्य जल्द पूरा करने की चुनौती है। विशेष रूप से मानसून के दौरान पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और रॉकफॉल की आशंका को देखते हुए सुरक्षा उपायों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, मौसम अनुकूल रहने पर नवंबर तक अतिरिक्त रॉकफॉल प्रोटेक्शन का पूरा काम पूरा किया जा सकता है। इसके बाद एक्सप्रेसवे की इस महत्वपूर्ण कनेक्टिंग लिंक पर पत्थर गिरने से जुड़े जोखिम को कम करने के लिए तैयार की गई सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह प्रभावी हो सकेगी।

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