Pune Hooch Tragedy Pimpri Chinchwad Liquor Deaths Rajesh Deshmukh: पुणे और पिंपरी-चिंचवड में जहरीली शराब पीने से 23 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद राज्य में हड़कंप मच गया है। इस गंभीर घटना के बाद राज्य आबकारी विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। राज्य आबकारी आयुक्त डॉ. राजेश देशमुख ने राज्यभर में अवैध शराब बिक्री, निर्माण और तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
डॉ. देशमुख ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला आबकारी अधीक्षकों के साथ आपात बैठक की और पूरे मामले की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जहां कहीं भी अवैध शराब की बिक्री या निर्माण की जानकारी मिले, वहां तुरंत छापेमारी कर कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। घटना के बाद विभाग ने जांच को तेज करते हुए पांच विशेष टीमों का गठन किया है, जो इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच करेंगी। ये टीमें जहरीली शराब की सप्लाई चेन, निर्माण केंद्रों और वितरण नेटवर्क का पता लगाएंगी।
इस बीच, राज्य सरकार ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है। राज्य के मंत्री गिरीश महाजन ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इससे पहले पिंपरी-चिंचवड़ महानगर पालिका भी मृतकों के आश्रितों को 1-1 लाख रुपये की सहायता देने का ऐलान कर चुकी है। सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि पात्र परिवारों को मनपा में नौकरी देने पर भी विचार किया जाएगा।
केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने भी इस घटना को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि देशभर में हाथभट्टी की अवैध शराब का कारोबार खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है और इसे पूरी तरह खत्म करने के लिए कठोर कार्रवाई जरूरी है। विधायक डॉ. नीलम गोर्डे ने कहा कि ऐसे मामलों में केवल अवैध भट्टियों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि मिथेनॉल जैसे जहरीले रसायनों की पूरी सप्लाई चेन की जांच जरूरी है। उन्होंने रासायनिक जांच रिपोर्ट जल्द सार्वजनिक करने और दोषियों पर फास्ट
गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए वहीं शिवसेना (यूबीटी) विधायक सचिन अहीर ने आरोप लगाया कि इस घटना के लिए पुलिस की लापरवाही जिम्मेदार है। उन्होंने मांग की कि केवल निलंबन नहीं बल्कि संबंधित अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
पिपरी-चिंचवड पुलिस प्रशासन ने भी अवैध शराब के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया है। पुलिस ने शहर के विभिन्न हिस्सों में छापेमारी कर करीब दो लाख रुपये का माल जब्त किया है। इस कार्रवाई में एक नाबालिग सहित 13 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।
देहूरोड, मावल, हिंजवडी, बावधन, चिंचवड और पिंपरी जैसे इलाकों में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कई अवैध भट्टियों को ध्वस्त किया और शराब निर्माण में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी जब्त किए। प्रशासन ने साफ किया है कि आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज किया जाएगा तथा अवैध शराब कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।