क्या RPI के साथ हाथ मिलाएंगे प्रकाश आंबेडकर? रामदास आठवले ने दिया खास ऑफर, सियासी गलियारों में हलचल तेज

Ramdas Athawale SC Sub-Classification: रामदास आठवले ने किया अनुसूचित जाति उपवर्गीकरण का समर्थन। बोले- 'समान न्याय के लिए जरूरी है वर्गीकरण'। बदर समिति की रिपोर्ट और रिपाइ एकीकरण पर बड़ी बात।
"Shook hands, but no sign of a partnership" Ramdas Athawale takes a jibe at the rapport between Rahul Gandhi and Vijay Thalapathy.
रामदास आठवले (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Badar Committee Report Maharashtra: अनुसूचित जातियों के उपवर्गीकरण को लेकर चल रही बहस के बीच केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री तथा रिपाइ नेता रामदास आठवले ने इसका समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि आरक्षण का लाभ सभी जातियों तक समान रूप से नहीं पहुंच पाया है। इसलिए उपवर्गीकरण के माध्यम से वंचित समूहों को न्याय मिल सकेगा।

सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बाद कई राज्यों में इस दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। महाराष्ट्र में भी बदर समिति का गठन कर रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गई है। हालांकि, इस मुद्दे पर समाज के विभिन्न वर्गों में मतभेद सामने आए हैं। विशेषकर बौद्ध समाज के कुछ संगठनों ने इसे सामाजिक विभाजन बढ़ाने वाला कदम बताते हुए विरोध जताया है।

राज्य सरकार के पास बदलाव का अधिकार नहीं

रामदास आठवले ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सभी वर्गों को समान न्याय देना है और इसी दिशा में निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अत्याचार निवारण (एट्रोसिटी) कानून केंद्र का विषय है। इसलिए इसमें बदलाव का अधिकार राज्य सरकार के पास नहीं है। अंतरराष्ट्रीय हालात पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय कई संघर्षों से गुजर रही है और युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है।

रिपाइ के एकीकरण पर कही बड़ी बात

ऐसे समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शांति के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते हैं और वही मार्ग भी निकाल सकते हैं। राजनीतिक स्तर पर आठवले ने रिपाइ के एकीकरण की जरूरत पर जोर देते हुए प्रकाश आंबेडकर से सकारात्मक भूमिका अपनाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि यदि सभी गुट एक साथ आते हैं तो पार्टी एक मजबूत ताकत बन सकती है। उन्होंने भविष्य में पार्टी के विस्तार और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने के लिए प्रयास तेज करने की बात भी कही।

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