पुणे दही हांडी उत्सव  सोर्स- सोशल मीडिया
पुणे

पुणे में दही हांडी उत्सव की धूम, डीजे से बनाई दूरी, ढोल-ताशों की गूंज और मानव पिरामिडों के साथ मना जश्न

Pune Dahi Handi Festival: पुणे में दही हांडी उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस वर्ष 200 से अधिक मंडलों ने डीजे से दूरी बनाकर ढोल-ताशों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज के बीच मटकी फोड़ी।

रूपम सिंह

Pune Dahi Handi Festival Celebration: पुणे ढोल-ताशों की गूंज, पारंपरिक वाद्ययंत्रों का नाद, 'गोविंदा रे गोपाला' के गगनभेदी जयघोष और मटकी फोड़ने के लिए उमड़ा उत्साह।।। कुछ ऐसा ही नजारा शनिवार को पुणे शहर में देखने को मिला। शहर के मध्यवर्ती क्षेत्रों से लेकर उपनगरों तक दही हांडी उत्सव की धूम रही। गोविंदा पथकों ने कई मंजिला मानव पिरामिड बनाकर दही हांडी फोड़ी और आकर्षक नकद पुरस्कार व ट्रॉफियां अपने नाम कीं। देर रात तक शहर के विभिन्न हिस्सों में जश्न और उत्साह का माहौल बना रहा। इस वर्ष दही हांडी उत्सव की खासियत तेज आवाज वाले डीजे से दूरी और पारंपरिक वाद्ययंत्रों को प्राथमिकता देना रही।

पारंपरिक वाद्ययंत्रों से सजाया गया पुणे का लाल महल चौक

पुनीत बालन ग्रुप की ओर से आयोजित संयुक्त 'डीजे-मुक्त दही हांडी' पहल को शहरवासियों का व्यापक समर्थन मिला। ऐतिहासिक लाल महल चौक में आयोजित इस आयोजन में पुणे शहर के 31 प्रमुख सार्वजनिक गणेश मंडलों ने एक साथ भाग लेकर पारंपरिक तरीके से उत्सव मनाया। आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष पुणे में 200 से अधिक गणेश मंडलों ने डीजे का इस्तेमाल नहीं करने का निर्णय लिया था।

प्रभात बैंड की प्रस्तुति संग कार्यक्रम की शुरुआत

लाल महल चौक में शनिवार दोपहर 3 बजे प्रभात बैंड की प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद रमणबाग तेजस्विनी, पखावज-ताल, शिववाद्य, हलगी वादन, समर्थ और शिवमुद्रा सहित विभिन्न प्रसिद्ध पथकों ने ढोल-ताशों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की जोरदार प्रस्तुति दी।

मर्दानी खेलों के प्रदर्शन ने भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक और गोविंदा पथक शामिल हुए। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की लय पर पुणे युवाओं ने जमकर उत्साह दिखाया। मटकी फोड़ने के दौरान पूरा परिसर 'गोविंदा रे गोपाला' के जयघोष से गूंज उठा।

40 फीट की एलईडी वॉल पर राधा-कृष्ण लीला

बेलबाग चौक स्थित सुवर्णयुग तरुण मंडल में भी दही हांडी उत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। मंडल की ओर से श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। परिसर में लगाई गई 40 फीट की विशाल एलईडी वॉल पर राधा-कृष्ण लीला का आकर्षक प्रदर्शन किया गया, जिसने लोगों का ध्यान खींचा।

'नादब्रह्म ढोल ताशा ध्वज पथक' के पारंपरिक वादन के बीच रात में गोविंदा पथकों ने मानव पिरामिड बनाकर दही हांडी फोड़ी, सफल गोविंदा टीम को 51 हजार रुपए नकद पुरस्कार और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण

इस वर्ष प्रशासन की ओर से ध्वनि प्रदूषण को लेकर सख्ती बरती गई। इसके चलते पुणे शहर के कई हिस्सों में डीजे की तेज आवाज के बजाय ढोल-ताशों और अन्य पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज अधिक सुनाई दी। हुतात्मा बाबू गेनू मंडल, विश्रामबाग वाडा, अकरा मारुति चौक, खजिना विहीर, नारायण पेठ माती गणपति मंडल, बाल विकास मंडल, धक्या मारुति मंडल, महाराष्ट्र तरुण मंडल और गुरुजी तालीम मंडल सहित विभिन्न स्थानों पर देर रात तक गोविंदा पथको और नागरिकों की भीड़ रही। कई स्थानों पर गोविंदा पथकों ने ऊंचे मानव पिरामिड बनाकर मटकी फोड़ने का रोमांचक प्रदर्शन किया। मटकी फूटते ही गुलाल से पूरा परिसर उत्साह से भर गया।

Delhi Building Collapse Live Update: दिल्ली के सत्य निकेतन में गिरी 5 मंजिला इमारत, कई लोग दबे, रेस्क्यू जारी

पूरा शरीर अंदर, सिर्फ सिर बाहर...दिल्ली हादसे का खौफनाक VIDEO आया सामने

Gen Z आंदोलन के बाद DUSU Election 2026, कब होगा मतदान, जानें क्या होंगे बड़े मुद्दे और किसके बीच होगी टक्कर?

दिल्ली के सत्य निकेतन में हॉस्टल की बिल्डिंग गिरी, कई बच्चे मलबे में दबे, देखें VIDEO

सोनू भैया, आपकी कमी हमेशा महसूस होगी, मंत्री सुदिव्य कुमार के निधन से टूटे CM हेमंत सोरेन, व्यक्त किया शोक