Pune Municipal Corporation: आषाढी वारी के दौरान आलंदी क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए पुणे महानगर पालिका ने वारकरियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में मनपा ने निर्णय लिया है कि जहां-जहां वारकरी दिंडियों का ठहराव होता है, वहां स्थित महानगर पालिका की 101 स्कूलों में मंगलवार से लेकर रविवार तक अवकाश घोषित किया जाएगा, ताकि इन स्कूलों का उपयोग वारकरियों के अस्थायी निवास केंद्र के रूप में किया जा सके।
महापौर मंजुषा नागपुरे ने बताया कि वारकरियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए 12 जुलाई तक पुणे शहर में लागू पानी कटौती भी स्थगित कर दी गई है। इस अवधि में शहर में नियमित जलापूर्ति की जाएगी, जिससे वारकरियों को पीने के पानी, स्वच्छता और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सके। भवानी पेठ स्थित सावित्रीबाई फुले विद्यालय तथा डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर महाविद्यालय परिसर में भी वारकरियों के बैठने और विश्राम की विशेष व्यवस्था की गई है।
महापौर ने यह भी कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो शहर की अन्य मनपा स्कूलों को भी अस्थायी राहत एवं निवास केंद्र के रूप में उपयोग में लाया जाएगा। वारकरी महाराष्ट्र की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा की पहचान हैं। उनकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में पुणे मनपा का पूरा प्रशासन पूरी क्षमता के साथ कार्य कर रहा है।
किसी भी वारकरी को असुविधा न हो, इसके लिए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि पुणे मनपा, जिला प्रशासन और राज्य सरकार के लगातार समन्वय बनाकर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। बाढ़ और लगातार बारिश को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्यों के साथ-साथ वारकरियों के ठहराव, भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं और स्वच्छता की व्यापक व्यवस्था की जा रही है।
यह भी पढ़ें:- पुणे में बाढ़-भूस्खलन का संकट: सुनेत्रा पवार की समीक्षा बैठक, अधिकारियों को मुख्यालय न छोड़ने के निर्देश
पुणे मनपा मंजुषा नागपुरे ने बाताया की आलंदी और आसपास के क्षेत्रों में आई बाढ़ तथा मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लिया गया है। इन स्कूलों में वारकरियों के ठहरने की समुचित व्यवस्था की जाएगी तथा पेयजल, स्वच्छता, बिजली, शौचालय और अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए है।