चंद्रशेखर बावनकुले  सोर्स- सोशल मीडिया
पुणे

दिशा सालियान मामले में आदित्य ठाकरे के नाम पर सियासत गरम, चंद्रशेखर बावनकुले ने कसा तंज

Pimpri Chandrashekhar Bawankule: दिशा सालियान मामले पर आदित्य ठाकरे ने सफाई देते हुए चरित्र हनन का आरोप लगाया। पिंपरी दौरे पर पहुंचे राजस्व मंत्री बावनकुले ने प्रॉपर्टी कार्ड देने का ऐलान किया।

रूपम सिंह

Chandrashekhar Bawankule Pimpri Property Card Announcement: दिशा सालियान मामले में शिवसेना (यूबीटी) नेता और विधायक आदित्य ठाकरे के सोशल मीडिया पर दिए स्पष्टीकरण के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है।

आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियान से किसी भी तरह की मुलाकात या पहचान से इनकार किया है। उन्होंने मामले से जोड़ने की कोशिशों को अपने खिलाफ चरित्र हनन और राजनीतिक व व्यक्तिगत उद्देश्यों से प्रेरित अभियान बताया।

आदित्य ठाकरे ने क्या कहा?

आदित्य ठाकरे ने 16 सितंबर को सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने दिशा सालियान को कभी नहीं जाना और न ही उनसे कभी मुलाकात की। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले करीब छह वर्षों से बिना सबूत उनका नाम इस मामले से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि मीडिया बहस और कथित मीडिया ट्रायल से तथ्य नहीं बदल सकते।

यह बयान ऐसे समय आया है जब दिशा सालियान की 2020 में हुई मौत की जांच को लेकर सीबीआई ने मामला दर्ज किया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, सीबीआई की एफआईआर में किसी व्यक्ति को आरोपी के रूप में नामित नहीं किया गया है, बल्कि कई लोगों की भूमिका की जांच की जानी है।

बावनकुले ने प्रतिक्रिया पर क्या कहा?

गुरुवार को पिंपरी-चिंचवड़ पहुंचे राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से जब आदित्य ठाकरे के बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने सीधे टिप्पणी करने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि इस बारे में आदित्य ठाकरे से ही पूछा जाना चाहिए।

इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के बीच दिशा सालियान के पिता की ओर से आदित्य ठाकरे के खिलाफ मानहानि नोटिस भेजे जाने की रिपोर्ट भी सामने आई है। नोटिस में 500 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की गई है।

सरकारी जमीन पर बसे लोगों के लिए घोषणा

पिंपरी-चिंचवड़ दौरे के दौरान बावनकुले ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत सरकारी जमीन पर बसे नागरिकों को लेकर भी घोषणा की।

उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2011 से पहले सरकारी जमीन पर बसे नागरिकों को मालिकाना हक और संपत्ति पत्रक यानी प्रॉपर्टी कार्ड दिए जाएंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि जिन आदिवासी नागरिकों को अब तक उनकी जमीन का पट्टा नहीं मिला है, उन्हें जमीन का पट्टा देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। सरकार की इस घोषणा से सरकारी जमीन पर लंबे समय से रह रहे लोगों के संपत्ति अधिकार का मुद्दा फिर चर्चा में आया है।

फिलहाल दिशा सालियान मामले की जांच जारी है और संबंधित आरोपों एवं दावों पर अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसियों की प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

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