

Pimpri Chinchwad PCMC Contractor FDR Security Lapse: पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका (पिंचिं मनपा) के विकास कार्यों के लिए ठेकेदारों से सुरक्षा राशि के तौर पर ली जाने वाली करोड़ों रुपये की सावधि जमा रसीदों (एफडीआर) की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पहले एफडीआर को मुख्य लेखा विभाग की सुरक्षित कस्टडी में रखने की व्यवस्था थी, लेकिन अब संबंधित विभागों की मूल फाइलों में ही एफडीआर रखे जाने की जानकारी सामने आई है।
विकास कार्यों की फाइलें विभिन्न अधिकारियों-कर्मचारियों के पास रहने, उनके इधर-उधर जाने और कुछ मामलों में कार्यालय से बाहर ले जाए जाने की स्थिति में करोड़ों रुपये की इन सुरक्षा रसीदों की जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी, यह सवाल उठ रहा है।
खास बात यह है कि वर्ष 2021 में फर्जी एफडीआर और बैंक गारंटी का बड़ा मामला सामने आने के बावजूद व्यवस्था पर फिर सवाल उठना मनपा की कार्यप्रणाली पर गंभीर टिप्पणी माना जा रहा है।
पिंपरी-चिंचवड़ मनपा के विभिन्न विभागों में सड़क, जलापूर्ति, जलनिकासी, विद्युत, स्थापत्य, स्वास्थ्य, चिकित्सा, पर्यावरण और उद्यान सहित अनेक विकास कार्य चल रहे हैं। इन कार्यों के लिए ठेकेदारों से परफॉर्मेंस सिक्युरिटी डिपॉजिट (पीएसडी) के रूप में एफडीआर या बैंक गारंटी ली जाती है।
काम की गुणवत्ता खराब होने, अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने या ठेकेदार द्वारा काम अधूरा छोड़ने की स्थिति में मनपा के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए यही राशि महत्वपूर्ण सुरक्षा होती है।
पिंपरी-चिंचवड़ शहर में मनपा के कई कार्यों में अनुमानित दर की तुलना में 40 से 45 प्रतिशत तक कम दरों पर निविदाएं आने से काम की गुणवत्ता और ठेकेदारों की वित्तीय क्षमता पर भी सवाल उठ रहे हैं। इतनी कम दर पर काम लेने वाले ठेकेदारों की एफडीआर और बैंक गारंटी वास्तविक है या नहीं, इसकी कड़ाई से जांच आवश्यक मानी जा रही है।
सभी विभागों में जमा एफडीआर की एकीकृत सूची तैयार कर बैंकवार प्रत्यक्ष सत्यापन कराने की मांग उठ रही है। साथ ही एफडीआर को संबंधित विभागों की फाइलों से निकालकर मुख्य लेखा विभाग के सुरक्षित लॉकर में रखने और इसकी ऑनलाइन रिकॉर्ड प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता बताई जा रही है।
लेखाधिकारी सत्यवान उबाले ने बताया कि वर्तमान में जिस विभाग का कार्य होता है, एफडीआर उसी विभाग में रखी जाती हैं। प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता लाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था विकसित करने का प्रयास शुरू किया गया है। पीएस, एफडीआर और संबंधित कार्यों के बिलों का एकीकृत रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
स्थायी समिति के सभापति अभिषेक बारणे ने कहा कि कम दर पर काम लेने वाले ठेकेदारों की एफडीआर और बैंक गारंटी की जांच जरूरी है।
उन्होंने सभी विभागों की एफडीआर मुख्य लेखा विभाग के सुरक्षित लॉकर में जमा कराने के साथ इसके लिए स्पष्ट नीति और कड़े सत्यापन नियम बनाने की आवश्यकता जताई।