प्रतिकात्मक फोटो-सोशल मीडिया) 
पुणे

पुणे को जाम से मुक्ति दिलाने आ रहा 'पाताल लोक' मॉडल, 80000 करोड़ के मेगा इन्फ्रा प्लान को मंजूरी!

Pune Ring Road News: पुणे में ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए राज्य सरकार ने ₹80,000 करोड़ की महायोजना को मंजूरी दी है, जिसके तहत 54 किलोमीटर लंबा भूमिगत टनल नेटवर्क और रिंग रोड बनाई जाएगी।

रूपम सिंह

Pune Mega Infrastructure Plan: पुणे शहर और पीएमआरडीए क्षेत्र में रोजाना लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए राज्य सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा और महत्वाकांक्षी इन्फ्रास्ट्रक्चर प्लान तैयार किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पुणे महानगर क्षेत्र के लिए करीब 80 हजार करोड़ रुपये की मेगा यातायात परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। डबल अंडरग्राउंड टनल नेटवर्क से बदलेगी व्यवस्था; इस योजना का सबसे बड़ा आकर्षण 54 किलोमीटर लंबा डबल अंडरग्राउंड टनल नेटवर्क होगा, जिसे 'पाताल लोक' मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।

सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी। सूत्रों के अनुसार, परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया इसी जून से शुरू होगी और लगभग पांच महीनों में, यानी दिसंबर 2026 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। डीपीआर तैयार होने के बाद निविदा प्रक्रिया शुरू करने का रास्ता साफ हो जाएगा।

औद्योगिक और आईटी बेल्ट को जोड़ने पर दिया जा रहा जोर

जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि इस योजना का दायरा केवल पुणे शहर तक सीमित न रखा जाए, बल्कि हिंजवडी, चाकण, भोसरी, तलवडे और पिंपरी-चिंचवड़ जैसे औद्योगिक और आईटी क्षेत्रों को भी इस भूमिगत नेटवर्क से जोड़ा जाए। इसके लिए हिंजवडी-वाकड-खराड़ी, चाकण-भोसरी-कात्रज और निगडी-स्वारगेट-हडपसर जैसे प्रमुख अंडरग्राउंड कॉरिडोर्स के अध्ययन का सुझाव दिया गया है।

तीन बड़े प्रोजेक्ट्स पर रहेगा फोकस

मुख्यमंत्री फडणवीस ने 'पाताल लोक', रिंग रोड तथा हाई कैपेसिटी मास ट्रांजिट रूट (एचसीएमटीआर) परियोजनाओं को प्राथमिकता दी है। इन तीनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद पुणे की ट्रैफिक समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। वित्तीय मॉडल के अनुसार, 20 प्रतिशत निधि केंद्र सरकार और 20 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा दी जाएगी, जबकि शेष 60 प्रतिशत राशि 'बनाओ-चलाओ-हस्तांतरित करो' (बीओटी) मॉडल के तहत जुटाई जाएगी।

इस महायोजना में 54 किलोमीटर लंबे भूमिगत टनल नेटवर्क पर लगभग 40 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, पीएमआर क्षेत्र के लिए रिंग रोड परियोजना पर 30 हजार करोड़ और उच्च क्षमता वाले द्रुतगति महामार्ग (एचसीएमटीआर) पर 10 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहर के मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम करना और वैकल्पिक हाई-स्पीड कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।

डबल-डेकर मॉडल पर भी विचार

हिंजवडी-चिखली भूमिगत मेट्रो कॉरिडोर को भी इस योजना में शामिल करने की मांग पर विचार किया जा रहा है। यदि रिंग रोड के लिए भूमि अधिग्रहण में कोई अड़चन आती है, तो 'डबल डेकर मॉडल' अपनाने का सुझाव दिया गया है, जिसके तहत एक ही कॉरिडोर में मेट्रो और अंडरग्राउंड सड़क मार्ग दोनों विकसित किए जा सकें। सरकार का मानना है कि यह योजना भविष्य के पुणे को तेज, आधुनिक और जाम-मुक्त पुणे शहर बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगी।

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