VVMC Road Conditions: पालघर जिले के वसई-विरार और नालासोपारा में एक बार फिर मानसून ने राहगीरों और वाहन चालकों की जिंदगी को तकलीफ़ दायक बना दिया है। मानसून से ठीक पहले लाखों-करोड़ों रुपये खर्च कर जिन सड़कों पर डामरीकरण और पैचवर्क का दम भरा गया था, वे पहली ही बारिश भी नहीं झेल सकीं। वसई-विरार और नालासोपारा को आपस में जोड़ने वाली मुख्य सड़कों की हालत बारिश में बदतर हो चुकी है।
सड़कों पर उभरे जानलेवा गड्डों ने वसई-विरार महानगरपालिका के दावों की पूरी तरह कलई खोल दी है, सबसे बुरा हाल वसई स्टेशन को जोड़ने वाली और नालासोपारा स्टेशन से हाईवे जाने वाली मुख्य सड़क का है। भारी जलजमाव और पानी की निकासी की व्यवस्था न होने के कारण डामर पूरी तरह उखड़ चुका है। इन जानलेवा गड्डों के कारण वाहन चालकों के लिए गाड़ियां संभालना मुश्किल हो रहा है, जिससे आए दिन बाइक सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
शहर के कई प्रमुख मार्गों पर इस समय एक से डेढ़ फीट गहरे गड्ढे हो चुके हैं, जो रात के अंधेरे में किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रहे हैं। नालासोपारा स्टेशन से नालासोपारा फाटा इस मुख्य मार्ग की स्थिति सबसे दयनीय है। यह शहर की सड़क नहीं, बल्कि किसी पिछड़े गांव की पगडंडी जैसी नजर आती है। नालासोपारा (पूर्व) के धानीवबाग, संतोषभवन और वाकणपाडा में गटर का दूषित पानी खुलेआम सड़कों पर बह रहा है।
मनपा क्षेत्र के अंतर्गत लगभग 1016 किलोमीटर लंबी डामरीकरण सड़कें आती है। सड़कों पर लगातार लगने वाले हिचकोलों की वजह से स्थानीय नागरिकों में कमर दर्द, पीठ दर्द और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही है। वहीं, गड्डों के कारण लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम में फंसकर स्कूली बसे और ऑटो-रिक्शा समय पर नहीं पहुंच पा रहे है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
वसई-विरार मनपा का दावा है कि शहर की मुख्य और 9 प्रभागों की आंतरिक सड़कों की मरम्मत के लिए 25 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया गया है। लेकिन जमीनी हकीकत इस सरकारी दावे से बिल्कुल उलट है। वहीं दूसरी ओर, इस परेशानी से वसई विरार के लोगो परमानेंट निजात दिलाने के लिए शहर की प्रमुख 7 सड़कों के चौड़ीकरण और कंक्रीटीकरण का जिम्मा एमएमआरडीए को सौंपा गया था। लेकिन प्रशासनिक लालफीताशाही और लेतिफ़्ती के चलते यह काम अब तक शुरू नहीं हो सका है।
स्थानीय वाहन चालक आशीष कदम ने बताया कि हाल ही में आई बाढ़ के कारण पहले ही गाड़ियों का काफी नुकसान हो चुका है। अब इन खस्ताहाल और गड्डों से भरी सड़कों पर गाड़ियां चलाने से वे पूरी तरह डैमेज हो रही है। सस्पेंशन और टायर खराब होने से गैरेज के चक्कर काट-काटकर हमारी जेब खाली हो चुकी है। मनपा को तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए।
वसई-विरार मनपा शहर अभियंता प्रदीप पाचेंगे ने कहा कि बारिश और जलजमाव के कारण शहर पहुंचा है। मुख्य सड़कों पर मोस्टिक पैचवर्क का काम युद्धस्तर पर चालू है। हमारी टीम और मैं खुद स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। नागरिकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम शहरवासियों से सहयोग की अपील करते हैं और उन्हें आश्वस्त करते हैं कि सड़कों को जल्द से जल्द सुरक्षित और सुचारू बनाया जाएगा।
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वसई-विरार के कांग्रेस नेता सत्तेसु सिंह ने कहा कि हर साल मानसून से पहले पैचवर्क के नाम पर केवल खानापूर्ति और भ्रष्टाचार किया जाता है। पहली ही बारिश में करोड़ों का डामर बह गया और अब सड़कों पर चलना मौत को दावत देने जैसा है। अंधेरे में बाइक सवार अचानक गड्डों में गिरकर गंभीर रूप से चोटिल हो रहे है। प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना तुरंत इन गड्ढों को भरना चाहिए।