Vasai Virar Bus Service Restored: वसई-विरार महानगरपालिका के ठेकेदार और परिवहन कर्मचारियों के बीच हुई तनातनी और बैठकों के लंबे दौर के कारण वसई-विरार की लाइफलाइन कही जाने वाली महानगरपालिका परिवहन सेवा लगभग 36 घंटे तक ठप रही। जिसकी वजह से शहर के सर्वसामान्य नागरिकों, स्कूली बच्चों और दफ्तर जाने वाले कामकाजी वर्ग को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बुधवार दोपहर प्रशासन, ठेकेदार और यूनियन के बीच हुई मैराथन बैठक के बाद कर्मचारियों की मांगें मान ली गई, जिसके बाद दोपहर 3 बजे से बस सेवा बहाल की जा सकी।
वसई-विरार महानगरपालिका के परिवहन बेड़े में कुल 120 बसें (40 ई-बसों सहित) शामिल हैं, जो रोजाना 38 रूटों पर लगभग 2200 ट्रिप लगाकर 60 से 65 हजार यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाती हैं। मंगलवार सुबह बिना किसी पूर्व सूचना के चालकों और कंडक्टरों के अचानक हड़ताल पर चले जाने से शहर की परिवहन व्यवस्था चरमरा गई।
एक तरफ मूसलाधार बारिश और दूसरी तरफ बसों की अनुपलब्धता का फायदा उठाकर रिक्शा चालकों ने मनमाना किराया वसूला, जिससे नागरिकों को आर्थिक चपत लगी। का आरोप था कि पिछले 4-5 वर्षों से लंबित वेतन वृद्धि और अन्य वित्तीय लाभठेकेदार की उदासीनता के कारण रुके हुए थे। बुधवार को महापौर, उपमहापौर मार्शल लोपेश, अतिरिक्त आयुक्त दीपक सावंत और बस डिपो प्रबंधक धैर्यशील जाधव की मौजूदगी में हुई संयुक्त बैठक में कर्मचारियों की सभी 13 मांगों को स्वीकार किया और चालकों-वाहकों के वेतन में 26 रुपये की बढ़ाने का निर्णय लिया।
कर्मचारियों का आरोप था कि पिछले 4-5 वर्षों से लंबित वेतन वृद्धि और अन्य वित्तीय लाभठेकेदार की उदासीनता के कारण रुके हुए थे। बुधवार को महापौर, उपमहापौर मार्शल लोपेश, अतिरिक्त आयुक्त दीपक सावंत और बस डिपो प्रबंधक धैर्यशील जाधव की मौजूदगी में हुई संयुक्त बैठक में कर्मचारियों की सभी 13 मांगों को स्वीकार किया और चालकों-वाहकों के वेतन में 26 रुपये की बढ़ाने का निर्णय लिया।
100 नई एसी बसें परिवहन के बेड़े में होंगी शामिल
प्रशासन ने बताया कि वसई-विरार शहर में परिवहन व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए ठेकेदार से 100 नई एसी बसों की मांग की गई है। अगले 6 से 8 महीनों में ये बसें टप्प्या-टप्या चरणबद्ध तरीके से सड़कों पर उतरेंगी, जिससे यात्रियों को और बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
उपमहापौर मार्शल लोपेश कहा कि कर्मचारियों की अचानक हड़ताल से 66 नागरिको को हुई असुविधा के लिए हम क्षमाप्रार्थी हैं। उपमहापौर, महापौर, डिपो मैनेजर और यूनियन की संयुक्त बैठक में कर्मचारियों की वेतन वृद्धि समेत सभी 13 मांगों को मान लिया गया है। बुधवार दोपहर 3 बजे से सेवाएं शुरू करवा दी गई। हमारा प्रयास है कि लोकनेता अप्पा और पूर्व विधायक क्षितिज ठाकुर के मार्गदर्शन में वसई का हर वर्ग सुखी और सुरक्षित रहे।
परिवहन कर्मचारी प्रतिनिधित्व ने बाताया कि किरण पिछले कुछ वर्षों से हमारी जायज मांगों और समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा था, जिसके चलते कर्मचारियों को मजबूरी में यह 'काम बंद' आंदोलन करना पड़ा। इस दौरान आम यात्रियों को हुई असुविधा के लिए हम खेद व्यक्त करते हैं। महापौर और प्रशासन के साथ हुई बैठक में हमारी 13 मांगों और वेतन वृद्धि पर सहमति बन गई है।