मानसून सत्र में 12 बिल पास, सिर्फ 19% काम, किरेन रिजिजू ने जताया दुख, कांग्रेस के नए सांसदों पर कही बड़ी बात

Kiren Rijiju Press Conference: मानसून सत्र खत्म गुरुवार को खत्म हो गया। संसद के मानसून सत्र के समापन के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मीडिया को संबोधित किया।
monsoon session ends kiren rijjiju press conference
किरेन रिजिजू की प्रेस कॉन्फ्रेंस सौजन्य-IANS
Updated on

Monsoon Session Kiren Rijiju: दिल्ली में 13 अगस्त गुरुवार को मानसून सत्र का आखिरी दिन शुरू होने के कुछ देर बाद ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। मानसून सत्र खत्म होने के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर संसद में अब तक हुई कार्यवाही का पूरा ब्यौरा दिया।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, मानसून सत्र आज खत्म हो गया। हम इसे दो नजरिए से देखते हैं। कामकाज के लिहाज से यह सत्र बहुत सफल रहा। हमने कुल 12 बिल पास किए। हालांकि, बहस और चर्चा के नजरिए से यह उतना सफल नहीं रहा। लोकसभा में, कुल तय समय के मुकाबले हमारी प्रोडक्टिविटी सिर्फ 19% रही।

राज्यसभा में प्रोडक्टिविटी 39% रही, जहां विपक्षी पार्टियों ने हंगामा किया और कभी-कभी वॉकआउट किया, वहीं NDA की ज्यादातर पार्टियों और कुछ विपक्षी पार्टियों के सांसदों ने बहस और चर्चा में हिस्सा लिया।

किरेन रिजिजू ने बिल पर चर्चा की बात करते हुए आगे कहा, "सिर्फ एक बिल, जो परीक्षाओं में पेपर लीक और गलत तरीकों के मुद्दे से जुड़ा था, उस पर लोकसभा में पूरी चर्चा हुई। इस सत्र के दौरान 'पब्लिक एग्जामिनेशन (गलत तरीकों की रोकथाम) एक्ट' पास किया गया। इस कानून पर लोकसभा और राज्यसभा दोनों में चर्चा हुई।"

सरकार विपक्ष के सवालों का जवाब देने बाध्य

प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि "मानसून सत्र में कुल 12 बिल पास हुए, लेकिन हम चर्चा की क्वालिटी से संतुष्ट नहीं हैं क्योंकि विपक्ष ने ठीक से बहस नहीं होने दी, खासकर लोकसभा में। मैंने पहली बार देखा है कि विपक्ष चर्चा से बच रहा है। विपक्ष सरकार से जवाब मांगता है और सरकार जवाब देने के लिए बाध्य है।

फिर भी, संसद के अंदर हमने ऐसा नजारा देखा जहां सरकार खुद चर्चा चाहती थी, जबकि विपक्ष उससे बचने के लिए बहाने बना रहा था। यह संसदीय लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है। उन्होंने ऐलान किया कि वे न तो चर्चा सुनेंगे और न ही मंत्री का जवाब देंगे।"

monsoon session ends kiren rijjiju press conference
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होती ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, कांग्रेस ने स्पीकर की चाय का किया बहिष्कार

चर्चा से भाग रहा विपक्ष

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, एक बात जो मेरे ध्यान में आई है। मैंने कल भी कहा था हो सकता है कि मेरा अनुभव बहुत लंबा न हो, लेकिन जल्द ही मुझे लगभग तीन दशक, यानी 30 साल का अनुभव हो जाएगा। मैं इतना बूढ़ा नहीं हूं, लेकिन मैं कह सकता हूं कि अपने अनुभव में, अपनी जिंदगी में देखे गए संसदीय अनुभव में, यह पहली बार है जब विपक्ष चर्चा से भाग रहा है।

संसदीय लोकतंत्र में, विपक्ष चर्चा की मांग करता है और सरकार जवाब देती है। यही तरीका है। क्योंकि लोगों ने हमें जनसेवा, समाज सेवा के लिए चुना है। विपक्ष सवाल पूछता है और सरकार को संसद में जवाब देना होता है। पहली बार हम देख रहे हैं कि सरकार खुद कह रही है कि हम चर्चा चाहते हैं, और विपक्ष बहाने बना रहा है और चर्चा से भाग रहा है।

monsoon session ends kiren rijjiju press conference
मंच शुद्धिकरण पर भड़के खरगे, संसद में पूछा- क्या लोकतंत्र में ऐसा अपमान जायज है? नड्डा ने दिया जांच का भरोसा

कांग्रेस सांसदों का दर्द

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आगे कहा कि खासकर कांग्रेस पार्टी में, कई सांसदों को अब लगता है कि उनका मुख्य काम नारे लगाना, प्लेकार्ड और बैनर लेकर घूमना और हंगामा करना है। नारे तो सड़कों पर कहीं भी लगाए जा सकते हैं, लेकिन सांसद संसद में बहस और चर्चा के लिए चुने जाते हैं। एक ऐसा माहौल बन गया है जहां कांग्रेस सांसदों को लगता है कि नारे लगाना ही उनकी मुख्य जिम्मेदारी है। वे संसद परिसर में आते हैं, नारे लगाते हैं, अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं और आरोप लगाते हैं।

मुझे कांग्रेस सांसदों, खासकर नए सांसदों के लिए सचमुच दुख होता है। मैं बहुत संवेदनशील व्यक्ति हूं और कांग्रेस सांसदों का दर्द समझ सकता हूं। अगर बहस या चर्चा ही नहीं होगी तो वे कैसे सीखेंगे? मैं वरिष्ठ सदस्यों से तो ज़्यादा कुछ नहीं कह सकता, लेकिन नए सांसदों को सार्थक बहस और चर्चा का मौका नहीं मिला। गलती कांग्रेस पार्टी की है, लेकिन मुझे उम्मीद है कि जब हम शीतकालीन सत्र के लिए दोबारा मिलेंगे, तो सोच-समझकर किए गए चिंतन से बेहतर बदलाव आएगा और ज्यादा रचनात्मक रवैया देखने को मिलेगा।

Navbharat Live
navbharatlive.com