

Anmol Bishnoi Custody Baba Siddique Murder Case: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी हत्याकांड की जांच में एक नया कानूनी पेंच फंस गया है। मामले के मुख्य साजिशकर्ता और कुख्यात गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई की प्रत्यक्ष हिरासत लेने में आ रही दिक्कतों को लेकर मुंबई पुलिस ने मकोका (MCOCA) अदालत के समक्ष विस्तृत जवाब दाखिल किया है।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए एक प्रशासनिक और कानूनी प्रतिबंध के कारण फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद अनमोल बिश्नोई को मुंबई लाना संभव नहीं हो पा रहा है।
मुंबई पुलिस ने विशेष मकोका अदालत को जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने 5 दिसंबर 2025 को एक विशेष आदेश जारी कर अनमोल बिश्नोई की अंतर-राज्यीय गतिविधियों और जेल से बाहर स्थानांतरण पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं।
इस आदेश के प्रभावी होने के कारण तिहाड़ जेल प्रशासन अनमोल बिश्नोई की कस्टडी मुंबई पुलिस को नहीं सौंप पा रहा है। पुलिस ने अदालत को बताया कि पहली रिमांड के समय आरोपी को केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए पेश करना कानूनी प्रक्रिया के तहत पर्याप्त नहीं है, क्योंकि मामले के अहम सुराग तलाशने के लिए उससे आमने-सामने पूछताछ बेहद जरूरी है।
उल्लेखनीय है कि अनमोल बिश्नोई को कोर्ट में प्रत्यक्ष या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश करने में बार-बार विफल रहने पर मकोका कोर्ट ने मुंबई पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई थी और कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
अदालत के नोटिस का जवाब देते हुए मुंबई पुलिस ने साफ किया कि अनमोल बिश्नोई को बचाने या ढील देने का उनका कोई उद्देश्य नहीं है। पुलिस की ओर से कस्टडी हासिल करने के लिए सभी संवैधानिक और उच्चस्तरीय कानूनी प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।
जांच एजेंसी ने कोर्ट के समक्ष स्वीकार किया कि अनमोल बिश्नोई की सीधी हिरासत न मिल पाने के कारण बाबा सिद्दीकी हत्याकांड की आगे की जांच में बाधा आ रही है। साजिश के पीछे के नेटवर्क, फंडिंग और अन्य शूटरों से उसके सीधे संबंधों का पर्दाफाश करने के लिए उससे कस्टोडियल इंट्रोगेशन होना अनिवार्य है। पुलिस अब केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय से इस कानूनी अड़चन को दूर करने के लिए आवश्यक पत्राचार कर रही है।