Vasai Road Railway Terminus Project: वसई-विरार, नालासोपारा और पालघर में रहने वाले लाखों रेल यात्रियों के लिए एक बहुत बड़ी और खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से जिस प्रोजेक्ट का इंतजार किया जा रहा था, उस वसई रोड टर्मिनस का काम अब जमीन पर तेजी से शुरू हो चुका है।
पश्चिम रेलवे इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 150.25 करोड़ रुपये खर्च कर रही है, और इसे मार्च 2028 तक पूरा करने का टारगेट रखा गया है। इस साल के बजट में भी सरकार ने इसके लिए 15 करोड़ रुपये मंजूर कर दिए हैं।
इस नए टर्मिनस के बनने से अब उत्तर भारत या देश के बाकी हिस्सों में जाने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए लोगों को दादर, बांद्रा, कुर्ला एलटीटी या सीएसएमटी तक धक्का खाने की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ेगी। रेलवे की लगभग 4.5 हेक्टेयर जमीन पर यह आधुनिक टर्मिनस तैयार हो रहा है। इसमें 1.8 किलोमीटर रूट और 5.1 किलोमीटर ट्रैक की सुविधा होगी।
इस नए टर्मिनस में एक साथ 12 लंबी दूरी की ट्रेनों को संभालने और चलाने की ताकत होगी। टर्मिनस के लिए 1,200 मीटर लंबी प्लेटफॉर्म की दीवार बनाई जा रही है, जिसमें से करीब 500 मीटर (41.6%) काम पहले ही पूरा हो चुका है। पुराने ट्रैकों को हटाने का काम खत्म हो चुका है।
इसके अलावा नए सिग्नल, इलेवट्रिकल तार, ड्रेनेज और नए फुटओवर ब्रिज (एफओबी) व स्काईवॉक बनाने के लिए टेंडर भी पास कर दिए गए है। प्रोजेक्ट के तहत जोगेश्वरी में बना रेलवे का गुडस मालगाड़ी यार्ड अब वसई रोड में शिफ्ट किया जा रहा है।
जोगेश्वरी का यार्ड शिफ्ट होने से मालगाड़ियों का रास्ता अलग हो जाएगा। इससे मेन लाइन पर ट्रेनों की भीड़भाड़ कम होगी और मुंबई लोकल ट्रेनों के समय पर चलने में काफी सुधार आएगा, नया यार्ड बनने से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के जरिए माल दुलाई का नेटवर्क और मजबूत होगा।
जोगेश्वरी यार्ड से रेलवे को हर साल सीमेंट और गाड़ियों की ढुलाई से करीब 100 करोड़ रुपये का फायदा होता है। पालघर जिला के सांसद डॉ. हेमंत सावरा, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लगातार प्रयासों के बाद रेलवे ने इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी देकर काम पर तेजी दिखाई है।
टर्मिनस शुरू होने के बाद वसई-विरार और पालघर के लोगों को मुंबई शहर की तरफ आने-जाने में लगने वाले घंटों के समय और भीड़भाड़ की परेशानी से हमेशा के लिए आजादी मिल जाएगी।