पालघर के हादसे में हताहत लोगों के लिए बचाव कार्य जारी (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया) 
पालघर

बेटी का जन्मदिन मनाया और 5 मिनट बाद... विरार के दर्दनाक हादसे में अब तक 15 की मौत

Palghar Incident: महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक बड़ा हादसा हो गया। यहां एक चार मंजिला बिल्डिंग का हिस्सा ढह गया। इस दर्दनाक हादसे में मां-बेटी समेत 15 लोगों की मौत हो गई है।

गीतांजली शर्मा

Palghar district, Maharashtra: मुंबई के पास पालघर जिले में विरार बिल्डिंग के अंदर एक बड़ा हादसा हो गया। इस घटना से बहुत लोग हताहत हैं। विरार के पूर्वी क्षेत्र में एक बड़ी बिल्डिंग गिर गई। हादसे में अब तक 15 शव मलबे से निकाले जा चुके हैं। यह दर्दनाक हादसा रामबाई अपार्टमेंट का एक हिस्सा गिरने के बाद हुआ।

अभी भी प्रशासन की तरफ से रेस्क्यू कार्य जारी है। अभी भी मलबे से कई और लोगों के निकलने की उम्मीद है। हादसे के समय, इमारत की चौथी मंजिल पर एक मासूम बच्चे के जन्मदिन की पार्टी चल रही थी। यह उस बच्ची का पहला जन्मदिन था। परिवार समेत उस मासूम की जान भी इस हादसे में चली गई।

अधिकारियों द्वारा मृतकों की हुई शिनाख्त

आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने अब तक बारह मृतकों में से सात की पहचान आरोही ओंकार जोविल (24), उनकी एक वर्षीय बेटी उत्कर्षा जोविल, लक्ष्मण किस्कू सिंह (26), दिनेश प्रकाश सपकाल (43), सुप्रिया निवालकर (38), अर्नव निवालकर (11) और पार्वती सपकाल के रूप में की है। हादसे की जानकारी देते हुए,  जिला कलेक्टर इंदु रानी जाखड़ ने कहा है कि, मलबे में अभी भी कुछ और जानें दबीं हो सकती हैं। जिले के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विवेकानंद कदम ने बताया कि किस्मत का ऐसा साथ रहा कि जिस चाल पर वह बिल्डिंग गिरी वहां कोई मौजूद नहीं था। वरना जान- माल की और हानि हो सकती थी।

विरार बिल्डिंग का मालिक गिरफ्तार

विरार पुलिस ने इस पूरे मामले में सर्तकता दिखाई है। उन्होंने साई दत्ता बिल्डर्स एंड डिवेलपर्स के 47 वर्षीय मालिक, निट्टल गोपीनाथ साने को गिरफ्तार कर लिया है। विरार की इस बिल्डिंग का निर्माण इसी बिल्डर ने किया था। बिल्डर के खिलाफ महाराष्ट्र क्षेत्रीय और टाउन प्लानिंग अधिनियम, 1966 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 के तहत केस दर्ज किया गया है।

पहले से असुरक्षित घोषित थी इमारत

विभाग द्वारा पहले ही लोगों को इस इमारत की असुरक्षा को लेकर चेतावनी दे दी गई थी। लेकिन लोगों ने चेतावनी को अनदेखा किया। विरार की इस बिल्डिंग को साल 2012-13 में अवैध रूप से बनाया गया था। इस इमारत पर वसई विरार सिटी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने पहले भी नोटिस जारी किए थे। यह बिल्डिंग अवैध रूप से बनाई गई थी, साथ ही पूरी तरह से असुरक्षित भी थी।

स्थानीय लोगों ने लगाया आरोप

विरार के आस-पास रहने वाले स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिल्डर ने वसई विरार सिटी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की नोटिस पर ध्यान नहीं दिया। तुकाराम शिंदे क्षेत्र के एक स्थानीय निवासी ने कहा कि, वह 13 साल से रामबाई अपार्टमेंट में रह रहे थे। बिल्डिंग डेवलपर को नागरिक निकाय से तीन नोटिस मिले, लेकिन पूरे मामले पर कुछ नहीं किया गया।

पिछले हफ्ते बिल्डिंग की एक सीढ़ी भी गिरी थी। जिस पर बिल्डर को चेतावनी दी गई थी कि, इमारत कभी भी गिर सकती है। मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए उसपर ध्यान दिया जाए।

आज की ताजा खबर 13 अगस्त LIVE: संसद का मॉनसून सत्र खत्म, दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित

मानसून सत्र में 12 बिल पास, सिर्फ 19% काम, किरेन रिजिजू ने जताया दुख, कांग्रेस के नए सांसदों पर कही बड़ी बात

संगीत और कला के दिग्गजों का सम्मान, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 115 कलाकारों को दिए अकादमी पुरस्कार

Explainer: कैश कांड में जस्टिस यशवंत वर्मा दोषी करार, अब कैसे तय होगी सजा, किसके पास है अधिकार?

तिहाड़ से मुंबई नहीं लाया जा सकता अनमोल बिश्नोई! बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में पुलिस ने कोर्ट को बताई अड़चन