नाशिक जिला परिषद ने ग्राम पंचायत स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए डिजिटल हाजिरी ऐप शुरू किया।
चेहरे की पहचान के जरिए कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज होगी।
हाजिरी के साथ फोटो और समय भी रिकॉर्ड किया जाएगा।
इंटरनेट उपलब्ध नहीं होने पर भी ऐप ऑफलाइन काम कर सकता है।
प्रशासन का उद्देश्य हाजिरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है।
Digital Attendance App Nashik: नाशिक जिले में ग्राम पंचायत स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को अब समय पर उपस्थित रहने के साथ ही अपने कामकाज का हिसाब भी देना होगा। जिला परिषद की ओर से शुरू किया गया डिजिटल हाजिरी ऐप अब कार्यरत हो गया है।
इस प्रणाली से कर्मचारियों की उपस्थिति पर सीधे निगरानी रखना संभव हुआ है। चेहरे की पहचान के जरिए हाजिरी दर्ज करने वाली यह व्यवस्था अधिकारी-कर्मचारियों के लिए सिरदर्द साबित हो सकती है। खास बात यह है कि इस ऐप से मनमानी कार्यप्रणाली पर लगाम लगेगी।
अब तक पारंपरिक तरीके से हाजिरी दर्ज करने वाले कर्मचारियों को ऐप पर अपना चेहरा दिखाकर उपस्थिति दर्ज करानी पड़ रही है। इसमें फोटो के साथ समय भी दर्ज होता है। इससे वास्तविक उपस्थिति को लेकर किसी तरह की अस्पष्टता नहीं रहेगी।
किसी दूसरे कर्मचारी की ओर से हाजिरी लगाना या कार्यालय में उपस्थित हुए बिना हाजिरी दर्ज करना मुश्किल होगा। इस प्रणाली की एक और खासियत यह है कि वरिष्ठ अधिकारी एक क्लिक पर कर्मचारियों की मौजूदा स्थिति देख सकेंगे।
कौन उपस्थित है, कौन अनुपस्थित है, कौन अवकाश पर है और कौन क्षेत्रीय कार्य के लिए बाहर गया है, इसकी जानकारी डिजिटल डैशबोर्ड पर उपलब्ध होगी। इससे जिला परिषद प्रशासन को ग्राम पंचायत स्तर के कामकाज पर अधिक प्रभावी निगरानी रखने में मदद मिलेगी।
इंटरनेट की सुविधा नहीं होने पर भी यह ऐप ऑफलाइन तरीके से काम कर सकता है। साथ ही इसमें बायोमेट्रिक सुरक्षा की सुविधा भी दी गई है। प्रशासन का उद्देश्य हाजिरी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है।
विभागीय आयुक्त डॉ. प्रवीण गेडाम के हाथों इस ऐप का शुभारंभ किया गया था। इस अवसर पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओंकार पवार, उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. वर्षा फडोळ, विहंग देशमुख और चंद्रा बनर्जी उपस्थित थे।
डिजिटल हाजिरी प्रणाली लागू होने के बाद अब अधिकारियों और कर्मचारियों को समय की पाबंदी तथा नियमित उपस्थिति को लेकर सतर्क रहना होगा। कार्यालय में उपस्थिति से लेकर क्षेत्रीय कामकाज तक की जानकारी डिजिटल रूप से उपलब्ध होने के कारण ग्राम पंचायत व्यवस्था में अनुशासन लाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।