

दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक की मेगा रैली आयोजित हुई।
शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा देश रिजीम चेंज की ओर बढ़ रहा है।
विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार पर कड़ा हमला बोलते हुए हुंकार भरी।
Sanjay Raut INDIA Bloc Rally: देश की राजधानी दिल्ली स्थित ऐतिहासिक रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक की ओर से आयोजित विशाल 'मेगा रैली' ने देश के राजनीतिक घटनाक्रम में एक नया मोड़ ला दिया है। इस भव्य और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण आयोजन के दौरान विपक्षी नेताओं के तेवर बेहद आक्रामक नजर आ रहे हैं।
रैली के दौरान शिवसेना (UBT) के फायरब्रांड सांसद संजय राउत ने मीडिया से बातचीत करते केंद्र सरकार के खिलाफ बेहद कड़े और तीखे शब्दों में अपनी बात रखी। संजय राउत ने पूरे आत्मविश्वास के साथ हुंकार भरते हुए कहा, क्रांति आ रही है... क्रांति! हम रिजीम चेंज की तरफ जा रहे हैं। उनके इस बयान ने दिल्ली के सियासी गलियारों से लेकर पूरे देश की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है।
राउत ने मीडिया से बातचीत के दौरान रैली में पहुंच रहे जनसैलाब और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने दावा किया कि इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए देश भर से लाखों की संख्या में आम नागरिक और कार्यकर्ता दिल्ली की CMO में प्रवेश कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को इस रैली में भाग लेने से रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर काफी कड़े प्रयास किए जा रहे हैं।
हालांकि, संजय राउत ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि सरकार और प्रशासन उन्हें रोकने की जितनी अधिक कोशिश करेगा, लोगों का आक्रोश और रैली में आने वाली भीड़ का आकार उतना ही बड़ा और विशाल होता चला जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश की जनता अब सत्ता परिवर्तन का मन बना चुकी है और वह इस सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए किसी भी बाधा को स्वीकार नहीं करेगी। जनता तमाम सरकारी बैरीकेडिंग और रुकावटों को तोड़ते हुए हर हाल में रामलीला मैदान तक पहुंचेगी।
रामलीला मैदान से देश को दिए जा रहे संदेश की व्याख्या करते हुए शिवसेना (UBT) सांसद ने कहा कि यह आयोजन महज किसी एक राजनीतिक पार्टी या गठबंधन की ताकत दिखाने का मंच नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज रामलीला मैदान के मंच से जो शक्ति दिखाई जा रही है, वह वास्तव में किसी एक दल की शक्ति न होकर पूरे भारत देश की जनता की सामूहिक ताकत है। जनता अब मौजूदा सरकार को और आगे सहन नहीं करना चाहती है और वह देश में व्यापक बदलाव चाहती है।
राउत ने आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए कहा कि विपक्षी दलों के इस प्रकार के बड़े और राष्ट्रीय स्तर के विरोध प्रदर्शन और कार्यक्रम आने वाले समय में भी लगातार आयोजित होते रहेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे सभी राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम दिल्ली के केंद्र में, सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की आंखों के ठीक सामने आयोजित किए जाएंगे।
रैली और विरोध प्रदर्शनों से देश के व्यापारियों व अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव के सवाल पर भी संजय राउत ने बेहद बेबाक और तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि देश के आम व्यापारियों और छोटे कारोबारियों को इस आंदोलन या रैली से किसी भी प्रकार की कोई वास्तविक चिंता या परेशानी नहीं है।
देश के आर्थिक व राजनीतिक हालात पर तंज कसते हुए राउत ने कहा कि इस समय भारत में केवल दो ही बड़े व्यापारी मौजूद हैं मोदी और अमित शाह। उन्होंने कहा कि असल में आर्थिक या राजनीतिक नुकसान सिर्फ इन दोनों 'व्यापारियों' का हो रहा है।
संजय राउत ने दोटूक अंदाज में कहा कि अगर जनता के इस प्रकार के विशाल आंदोलनों से इन दो 'व्यापारियों' को कोई नुकसान झेलना पड़ता है, तो हो जाने दीजिए, क्योंकि देश की जनता अब अपने लोकतांत्रिक अधिकारों और बदलाव के लिए मैदान में उतर चुकी है।