प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
नासिक

सिंहस्थ 2027 की तैयारी तेज, त्र्यंबकेश्वर में अखाड़ों का विकास; नगर पालिका ने कसी कमर

Simhastha Mela Preparations: सिंहस्थ कुंभ 2027 के लिए त्र्यंबकेश्वर में तैयारियां तेज हो गई हैं। नगरपालिका ने 10 प्रमुख अखाड़ों में सुविधाओं के विकास हेतु साढ़े सात करोड़ से अधिक का टेंडर जारी किया है

अंकिता पटेल

Akhada Infrastructure Development: त्र्यंबकेश्वर वर्ष 2027 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए धर्मनगरी त्र्यंबकेश्वर अब पूरी तरह सक्रिय हो गई है। सिंहस्थ कुंभमेला प्राधिकरण की हरी झंडी मिलने के बाद त्र्यंबकेश्वर नगरपालिका ने 10 प्रमुख आखाड़ों में बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के लिए साढ़े सात करोड़ रुपये से अधिक का टेंडर प्रसिद्ध कर दिया है।

शाही स्नान और पर्वणी के दौरान देशभर से आने वाले साधु-महंतों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अखाड़ों की मांग और पहले चरण का बजट सिंहस्थ मेले में अखाड़ों और उनके साधु-महंतों के शाही स्नान का विशेष महत्व होता है।

उनकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह योजना बनाई गई है। साधु-महंतों ने प्रत्येक अखाड़े में 5 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की मांग की थी। शुरुआती चरण में प्रत्येक आखाड़े के लिए करीब 75 लाख रुपये के कार्यों को मंजूरी दी गई है। नगराध्यक्ष, मुख्याधिकारी और निर्माण विभाग व्यक्तिगत रूप से इन कार्यों की निगरानी कर रहे हैं ताकि गुणवत्ता से समझौता न हो।

क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?

अखाड़ों के भीतर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रशासन इस बार विशेष ध्यान दे रहा है। टेंडर के अनुसार प्रत्येक अखाड़े में आधुनिक शौचालय ब्लॉक, धर्मध्वज के लिए भव्य चबूतरा (ओटा), आंतरिक सीमेंट सड़कें और निबांध पानी की आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाने का काम किया जाएगा। पिछले कुंभ मेले में बने ढांचों की मरम्मत भी इसी बजट से की जाएगी।

अखाड़ानुसार आवंटित राशि का विवरण

नगरपालिका निर्माण विभाग ने प्रत्येक आखाड़े के लिए विशिष्ट बजट निर्धारित किया है, जो इस प्रकार है: जुना आखाड़ा: 78 लाख 12 हजार 816 रुपये, अग्नि अखाड़ा: 77 लाख 65 हजार 644 रुपये, बड़ा उदासीन आखाड़ा: 77 लाख 16 हजार 635 रुपये, निर्मल अखाड़ा: 76 लाख 42 हजार 590 रुपये, नया उदासीन आखाड़ा 75 लाख 52 हजार 047 रुपये, अटल अखाड़ा 75 लाख 29 हजार 279 रुपये, आवाहन अखाड़ा 74 लाख 88 हजार 133 रुपये, आनंद अखाड़ा: 74 लाख 29 हजार 056 रुपये, निरंजनी अखाड़ा 73 लाख 56 हजार 380 रुपये, महानिर्वाणी अखाड़ा 72 लाख 60 हजार 140 रुपये।

शाही स्नान की भव्यता का आधार

त्र्यंबकेश्वर में 10 प्रमुख अखाड़ों की अपनी निजी जमीने है, जहां कुभ मेले के दौरान हजारों साधु निवास करते हैं। शाही जुलूस और स्नान की भव्यता इन्हीं आखाड़ों से जुड़ी होती है।

पिछली बार कुछ जगहों पर सड़कें और शौचालय खराब स्थिति में पहुंच गए थे, जिन्हें अब नए सिरे से अत्याधुनिक बनाया जा रहा है ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर त्र्यंबकेश्वर की छवि और बेहतर हो सके।

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