नाशिक सिंहस्थ कुंभ (सौ. सोशल मीडिया ) 
नासिक

नाशिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभमेला के लिए 25.55 करोड़ का खाका तैयार, राज्य और केंद्र मिलकर करेंगे विकास

Nashik Kumbh Mela: 2027 नाशिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभमेले की तैयारी तेज़, राज्य व केंद्र सरकार ने 25.55 करोड़ का विकास खाका और 7410 करोड़ की परियोजनाएं मंजूर कीं।

अर्पित शुक्ला

Nashik News: नाशिक और त्र्यंबकेश्वर में 2027 में होने वाले सिंहस्थ कुंभमेले की तैयारी ज़ोरों पर है. राज्य और केंद्र सरकार ने मिलकर कुंभमेले के लिए विभिन्न विकास कार्यों हेतु 25.55 करोड़ रुपये का एक विशाल विकास खाका (डेवलपमेंट प्लान) तैयार किया है.नाशिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभमेला प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण गेडाम (विभागीय आयुक्त) और आयुक्त शेखर सिंह ने यह जानकारी दी है.

उन्होंने बताया कि प्राधिकरण ने प्रशासनिक और विभिन्न विकास कार्यों को गति दी है, और राज्य सरकार ने इन कार्यों के लिए 7410 करोड़ रुपये की राशि मंजूर कर दी है. कुंभमेले की शुरुआत में अब केवल 21 महीने का समय बचा है. इस आयोजन के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के नाशिक और त्र्यंबकेश्वर आने की संभावना है. आने वाले भक्तों के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा और सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है. राज्य सरकार ने ज़िला प्रशासन के माध्यम से कुंभमेले की पूर्व तैयारी शुरू कर दी है.

इसके लिए नाशिक त्र्यंबकेश्वर कुंभमेला प्राधिकरण की स्थापना की गई है, जो विभिन्न विकास कार्यों को प्रशासनिक मंजूरी देकर उन्हें गति दे रहा है. केंद्र सरकार की ओर से कुंभमेले से संबंधित कई महत्वपूर्ण विकास कार्य किए जाएंगे. इसके लिए तैयार किए गए खाके में कई प्रमुख कार्य शामिल हैं जैसे राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य सड़कें, 297 किलोमीटर के लिए 2458 करोड़ रुपये (कुल 10 कार्य). राष्ट्रीय राजमार्ग (अन्य): 294 किलोमीटर के 7 कार्यों के लिए 4749 करोड़ रुपये. रेलवे स्टेशन विकास के लिए 8 रेलवे स्टेशनों पर 86 कार्यों के लिए 1476 करोड़ रुपये, राम काल पथ, नाशिक के लिए 99 करोड़ 14 लाख रुपये. ओझर हवाई अड्डा विकास के लिए 640 करोड़ रुपये.

राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत निधि का विवरण

राज्य सरकार ने विकास कार्यों के लिए 7410 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है, जिसमें से पहले चरण में 5140 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. 2270 करोड़ 61 लाख रुपयेराज्य की सड़कों के विकास के लिए तय किए गए है. नाशिक मनपा के लिए 3016 करोड़ 20 लाख रुपये, सीवरेज, सड़कें, पुल, ओएफसी केबल, सीसीटीवी, अग्निशमन आदि जल संसाधन विभाग का खर्च 750 करोड़ 54 लाख रुपये, घाट निर्माण, बैराज, लिफ्ट सिंचाई योजना और त्र्यंबकेश्वर नगर पालिका के लिए 165 करोड़ 88 लाख रुपये, सीवरेज ट्रीटमेंट, अपशिष्ट जल प्रबंधन का खर्च. बिजली वितरण कंपनी को 73 करोड़ 50 लाख रुपये के खर्च से उपकेंद्रों की स्थापना.

राज्य पुरातत्व विभाग 48 करोड़ 78 लाख रुपये, संरक्षण और विकास कार्य, साधूग्राम, नाशिक 1050 करोड़ रुपये, भूमि अधिग्रहण के लिए. बची हुई राशि 35 करोड़ 11 लाख रुपये विभिन्न कार्यों के लिए. कुल (पहला चरण) 5140 करोड़ रुपये प्राधिकरण के माध्यम से. इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार कुंभ मेले से संबंधित अन्य परियोजनाओं पर 8263 करोड़ 14 लाख रुपये खर्च करेगी. इसमें त्र्यंबकेश्वर तीर्थक्षेत्र विकास खाका 275 करोड़ रुपये, रामकाल पथ 46 करोड़ 14 लाख रुपये, महाराष्ट्र सड़क विकास निगम (MSRDC) रिंग रोड के लिए भूमि अधिग्रहण हेतु 3659 करोड़ रुपये और विकास के लिए 4283 करोड़ रुपये का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है.

कुंभमेला प्राधिकरण काम की प्रगति पर लगातार निगरानी रख रहा है. अध्यक्ष, कुंभमेला प्राधिकरण डॉ. प्रवीण गेडाम ने सभी विभागों को कुंभमेला शुरू होने से पहले काम पूरा करने का निर्देश दिया है. उनका कहना है कि इस विकास के माध्यम से नाशिक-त्र्यंबकेश्वर के बुनियादी ढांचे का विकास और भक्तों के लिए सुविधाओं के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है. आयुक्त, कुंभमेला प्राधिकरण शेखर सिंह ने कहा कि कुंभमेला सुकर, सुलभ और पर्यावरण अनुकूल हो, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं. राज्य सरकार के माध्यम से चल रहे विभिन्न परियोजनाओं ने अब गति पकड़ ली है, और वे समय पर पूरे होंगे.

भारत-पाक सीमा के पास बड़ी साजिश नाकाम, श्रीगंगानगर में ट्रेन को उड़ाने की थी कोशिश, जांच में जुटी पुलिस

Explainer: कब-कब विवादों में घिरे धीरेंद्र शास्त्री? 10 बयानों पर हुआ विरोध, कई बार मांगनी पड़ी माफी

Diwali Trains: मुंबई-नागपुर के बीच 12 और स्पेशल ट्रेनें चलेंगी, 4 नवंबर से शुरू होगी बुकिंग; जानिए शेड्यूल

राहुल ने PM मोदी को दी खुली चुनौती: बोले- डरिए मत, मंच पर आमने-सामने बैठिए; राजनाथ-समेत 4 नेताओं से की अपील

SIR: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम गायब तो भी भर सकेंगे फॉर्म-6, चुनाव आयोग ने दी बड़ी राहत