Nashik Samruddha Panchayat Raj Launch: राज्य में सूखे की स्थिति को देखते हुए 11 अक्टूबर को नासिक में सरपंच, ग्रामीणों, ग्राम सेवकों और जनप्रतिनिधियों का महासंवाद सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में मुख्यमंत्री समृद्ध पंचायत राज अभियान 2.0 की शुरुआत होगी। सम्मेलन में जल नियोजन, जल संचयन, भूजल संरक्षण और वॉटर बजट पर रणनीति तैयार की जाएगी।
नासिक, राज्य में सूखे की स्थिति को देखते हुए ग्राम विकास एवं पंचायत राज विभाग की ओर से 11 अक्टूबर को नासिक के मोदी ग्राउंड पर सरपंच, ग्रामीणों, ग्राम सेवकों और जनप्रतिनिधियों का महासंवाद सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में होने वाले इस सम्मेलन की तैयारियों का ग्राम विकास मंत्री जयकुमार गोरे ने जायजा लिया।
मंत्री गोरे ने मोदी ग्राउंड का निरीक्षण कर आयोजन स्थल पर व्यवस्था, पार्किंग, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमकार पवार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सम्मेलन का मुख्य फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट से निपटने पर रहेगा। जल नियोजन, जल संचयन, भूजल स्तर बढ़ाने और ‘वॉटर बजट’ जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।
इसका उद्देश्य केवल तत्काल राहत तक सीमित न रहकर गांवों में पानी की दीर्घकालीन उपलब्धता सुनिश्चित करना और भविष्य की जरूरतों का नियोजन करना है। सरपंचों और ग्राम सेवकों को स्थानीय स्तर पर जल संकट से निपटने के ठोस उपायों की जानकारी भी दी जाएगी।
सम्मेलन में मुख्यमंत्री समृद्ध पंचायत राज अभियान 2.0 (2026-27) की औपचारिक शुरुआत की जाएगी। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले आदर्श सरपंचों का सम्मान किया जाएगा।
भूजल संरक्षण, उपलब्ध जल संसाधनों के कुशल उपयोग और सूखे की स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर कौशल विकास को लेकर विशेष परिसंवाद भी आयोजित किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार, सूखे की स्थिति को देखते हुए कार्यक्रम का आयोजन सादगी और न्यूनतम खर्च में किया जा रहा है। इसके बावजूद सम्मेलन में करीब 10 हजार प्रतिभागियों के पहुंचने की संभावना है।
बड़ी संख्या में लोगों के आने को देखते हुए पार्किंग, सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं का विशेष नियोजन किया जा रहा है। मंत्री जयकुमार गोरे ने अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
आयोजकों का कहना है कि सम्मेलन के जरिए सतत जल प्रबंधन और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के लिए स्थानीय स्तर पर ठोस उपायों को बढ़ावा मिलेगा।