

Naashik Malegaon Dongrale Case Verdict Soon: डोंगराले नाबालिग दुष्कर्म-हत्या मामले में अब फैसले की तारीख तय हो गई है। जिला एवं अपर सत्र न्यायालय में मामले की अंतिम सुनवाई पूरी हो चुकी है और अदालत 16 अक्टूबर को सुबह 11 बजे फैसला सुनाएगी। आरोपी को फांसी या जन्मकैद में से कौन-सी सजा मिलेगी, इस पर अब अदालत के निर्णय का इंतजार है।
नासिक जिले के मालेगांव, डोंगराले में नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के बहुचर्चित मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायालय में अंतिम सुनवाई पूरी हो गई है। मामले में अदालत अब 16 अक्टूबर को सुबह 11 बजे अपना फैसला सुनाएगी।
अंतिम सुनवाई के दौरान आरोपी और उसके वकील की ओर से अदालत के समक्ष लिखित पक्ष प्रस्तुत किया गया। वहीं, पीड़ित परिवार की ओर से आरोपी के लिए कठोरतम सजा की मांग की गई। वरिष्ठ विधिज्ञ उज्ज्वल निकम ने आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग के समर्थन में अदालत के समक्ष चार महत्वपूर्ण मुद्दे रखे।
सुनवाई के दौरान संरक्षण अधिकारी, जेलर और मनोचिकित्सक द्वारा आरोपी के संबंध में तैयार की गई लिखित रिपोर्ट भी अदालत में पेश की गई। अब अदालत इन सभी पक्षों और रिकॉर्ड पर विचार करने के बाद अपना फैसला सुनाएगी।
मामले में आरोपी को फांसी या उम्रकैद में से कौन-सी सजा दी जाएगी, इसे लेकर लोगों की नजरें 16 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं। हालांकि, अंतिम सजा का निर्णय अदालत के फैसले से ही स्पष्ट होगा।
अंतिम सुनवाई के दौरान पीड़ित बच्ची के पिता भावुक हो गए। अदालत में अपनी बात रखते हुए उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा कि आज भी उन्हें ऐसा लगता है कि उनकी बेटी उन्हें आवाज देगी।
पीड़ित परिवार की ओर से वकील और बच्ची के पिता ने आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की। परिवार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कठोरतम दंड की मांग रखी।
वरिष्ठ विधिज्ञ उज्ज्वल निकम ने अपनी दलील के दौरान कहा कि काका का रिश्ता पवित्र माना जाता है, लेकिन इस घटना से इस रिश्ते की मर्यादा को ठेस पहुंचने का आरोप है। उन्होंने मामले की गंभीरता को अदालत के सामने रखते हुए आरोपी के लिए कठोरतम सजा की मांग की।
अब अंतिम फैसला 16 अक्टूबर को सुबह 11 बजे सुनाया जाएगा। अदालत के निर्णय के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में आरोपी को कौन-सी सजा दी जाती है।