महाराष्ट्र में सूखे के बीच नासिक कुंभ सादगी से मनाने की मांग, कांग्रेस बोली- किसान और जल नियोजन पर हो खर्च

Nashik Kumbh Mela Fund Diversion: महाराष्ट्र में 308 तहसीलों में मंडराते सूखे के बीच कांग्रेस नेता गोपाल तिवारी ने नासिक कुंभ मेले को सादगी से आयोजित कर निधि किसानों व जल नियोजन में लगाने की मांग की।
Demand to celebrate Nashik Kumbh with simplicity amidst drought in Maharashtra
नासिक कुंभ मेला सोर्स- सोशल मीडिया
Published on: 
Updated on: 

Nashik Kumbh Mela Simple Celebration Demand: महाराष्ट्र में सूखे और पानी की कमी की स्थिति को देखते हुए नाशिक में होने वाले कुंभ मेले का आयोजन सादगी से कराने की मांग उठी है।

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता गोपाल तिवारी ने कहा कि मेले पर होने वाले अनावश्यक खर्च को नियंत्रित कर उस निधि का इस्तेमाल किसानों, खेती और जल नियोजन के लिए किया जाना चाहिए।

265 तहसीलों में पहले घोषित हुआ सूखा

गोपाल तिवारी ने अपने बयान में कहा कि राज्य सरकार ने 2026 के खरीफ सीजन को लेकर 25 सितंबर को 358 में से 265 तहसीलों में सूखा घोषित किया था। यह फैसला सूखा प्रबंधन संहिता-2016 के ‘ट्रिगर-1’ मानदंडों के आधार पर लिया गया था। इसके बाद 30 सितंबर को मंत्रिमंडल की उपसमिति ने 43 और तहसीलों को सूखाग्रस्त क्षेत्र में शामिल करने का निर्णय लिया।

308 तहसीलों में सूखे का दावा

तिवारी ने दावा किया कि राज्य की कुल 358 तहसीलों में से 308 तहसीलें सूखे की चपेट में हैं। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों से राज्य में पानी की कमी और सूखे की स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। ऐसे समय में सरकार को प्राथमिकता के आधार पर किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों की पानी संबंधी जरूरतों पर ध्यान देना चाहिए।

सरकार से व्यापक जल नियोजन की अपील

उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए प्रभावी जल नियोजन, किसानों को आवश्यक सहायता और उपलब्ध जल संसाधनों के उचित इस्तेमाल पर ध्यान देने की अपील की। साथ ही विपक्ष समेत सभी दलों को विश्वास में लेकर सूखे से निपटने की रणनीति तैयार करने की मांग की।

Demand to celebrate Nashik Kumbh with simplicity amidst drought in Maharashtra
विपक्ष का दोहरा चरित्र बेनकाब! ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध मार्च पर एकनाथ शिंदे का बड़ा हमला

कुंभ आयोजन में खर्च सीमित करने की मांग

कांग्रेस नेता ने कहा कि 31 अक्टूबर से शुरू होने वाले नासिक कुंभ मेले का आयोजन बेहद सादगी से किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, मेले के लिए किए जाने वाले ऐसे खर्चों को रोका जाना चाहिए जो तत्काल आवश्यक नहीं हैं। बची हुई निधि को सूखे से प्रभावित किसानों, खेती और जल प्रबंधन से जुड़े कार्यों में लगाने की मांग की गई है।

Demand to celebrate Nashik Kumbh with simplicity amidst drought in Maharashtra
200 करोड़ रुपये के CSR फंड डायवर्जन मामले में बड़ा एक्शन, महाराष्ट्र समेत 4 राज्यों में 8 ठिकानों पर छापेमारी

सूखे पर विशेष अधिवेशन बुलाने की मांग

तिवारी ने महाराष्ट्र में सूखे की वास्तविक स्थिति पर चर्चा के लिए सरकार से सभी दलों की बैठक बुलाने या दो दिन का विशेष अधिवेशन आयोजित करने की मांग की। उनका कहना है कि इस दौरान राज्य में सूखे और पानी की उपलब्धता की वास्तविक स्थिति देश के सामने रखी जानी चाहिए।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com