नासिक महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण ने नगररचना योजना में सहभागिता के लिए मांगी रुचि अभिव्यक्ति (EOI)।
औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स उपयोग के लिए न्यूनतम 100 एकड़ का निरंतर भूक्षेत्र जरूरी।
उद्योग, स्वास्थ्य, पर्यटन, आवासीय और संस्थागत विकास के अवसर उपलब्ध कराने की योजना।
इच्छुक भूखंड धारकों को विज्ञापन प्रकाशित होने की तारीख से 45 दिन में ऑनलाइन प्रस्ताव जमा करना होगा।
EOI जमा करने से जमीन पर स्वतः विकास अधिकार या भू-उपयोग परिवर्तन की अनुमति नहीं मिलेगी।
Nashik Ring Road Logistics Industrial Hub NMRDA: नासिक महानगर क्षेत्र में रिंग रोड के आसपास नियोजित विकास को गति देने के लिए एनएमआरडीए ने बड़े भूखंड धारकों से EOI आमंत्रित किए हैं। औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स उपयोग के लिए न्यूनतम 100 एकड़ का निरंतर भूक्षेत्र जरूरी है। प्रस्ताव जमा करने के लिए विज्ञापन की तारीख से 45 दिन का समय मिलेगा।
नासिक महानगर क्षेत्र में प्रस्तावित रिंग रोड और अन्य विकास क्षेत्रों में नियोजित, समन्वित एवं टिकाऊ विकास को गति देने के लिए नासिक महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एनएमआरडीए) ने पहल की है। प्राधिकरण ने नगररचना योजना में सहभागिता के लिए बड़े भूखंड धारकों से रुचि अभिव्यक्ति (EOI) आमंत्रित की है। इसके माध्यम से औद्योगिक, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य, पर्यटन, आवासीय और संस्थागत विकास के अवसर उपलब्ध कराने की योजना है।
एनएमआरडीए के महानगर आयुक्त जलज शर्मा ने इच्छुक और पात्र भूखंड धारकों से प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट www.nashikmrda.in पर जारी सूचना के अनुसार ऑनलाइन प्रस्ताव प्रस्तुत करने की अपील की है।
प्राधिकरण के अनुसार, प्रस्तावित नासिक रिंग रोड से महानगर क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। इसके आसपास नागरिक सुविधाओं, उद्योगों और अन्य विकास गतिविधियों के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं। इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए बड़े और आपस में जुड़े भूखंडों की विकास क्षमता का उपयोग करने की योजना बनाई गई है।
नगररचना योजना के माध्यम से क्षेत्र का व्यवस्थित विकास करने और विभिन्न प्रकार की परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जाएगा। इससे औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों के साथ स्वास्थ्य, पर्यटन, आवासीय तथा संस्थागत विकास को भी अवसर मिल सकता है।
एनएमआरडीए ने नगररचना योजना में सहभागिता के लिए भूमि क्षेत्र की न्यूनतम सीमा निर्धारित की है। औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स उपयोग के प्रस्तावों के लिए कम से कम 100 एकड़ का निरंतर भूक्षेत्र होना आवश्यक है। यानी संबंधित जमीन एक-दूसरे से जुड़ी होनी चाहिए।
प्राधिकरण ने पात्र भूखंड धारकों से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ऑनलाइन प्रस्ताव जमा करने को कहा है। इन प्रस्तावों के माध्यम से संभावित विकास क्षेत्रों और भूमि की उपलब्धता का आकलन करने में मदद मिलेगी।
EOI प्रस्तुत करने के लिए विज्ञापन प्रकाशित होने की तारीख से 45 दिन की अवधि निर्धारित की गई है। जरूरत पड़ने पर इस अवधि को 15 दिन तक बढ़ाया जा सकता है। इच्छुक भूखंड धारकों को निर्धारित समयसीमा के भीतर ऑनलाइन प्रस्ताव जमा करना होगा।
एनएमआरडीए ने स्पष्ट किया है कि केवल EOI प्रस्तुत करने से संबंधित जमीन स्वतः नगररचना योजना में शामिल नहीं होगी। इससे भू-उपयोग परिवर्तन, विकास अनुमति, फ्लोर स्पेस इंडेक्स (FSI) या आरक्षण से संबंधित कोई अधिकार भी प्राप्त नहीं होगा।
प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया निविदा नहीं है। इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा और न ही इससे जमीन का मालिकाना हक हस्तांतरित होगा। इसलिए भूखंड धारकों को EOI को सहभागिता की प्रारंभिक प्रक्रिया के रूप में देखना होगा।
नासिक महानगर क्षेत्र में बढ़ती विकास संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए एनएमआरडीए की यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बड़े भूखंडों की उपलब्धता और रिंग रोड से बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए विभिन्न क्षेत्रों में विकास को व्यवस्थित दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है।