

नायलॉन और चीनी मांजे की बिक्री, भंडारण व परिवहन पर पुलिस की कड़ी नजर।
प्रतिबंधित मांजा बेचने वालों के खिलाफ मामला दर्ज करने के साथ लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई।
दुकानों, गोदामों, कुरियर केंद्रों और परिवहन प्रतिष्ठानों पर अचानक जांच होगी।
बच्चों से मांजे की खरीदारी के बारे में जानकारी लेकर विक्रेताओं तक पहुंचेगी पुलिस।
पुलिस ने अभिभावकों से बच्चों को नायलॉन मांजा नहीं खरीदकर देने की अपील की।
Sambhajinagar Police Nylon Manja Ban License Cancellation: पतंगोत्सव से पहले छत्रपति संभाजीनगर पुलिस ने प्रतिबंधित नायलॉन और चीनी मांजे के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है। बिक्री, भंडारण और परिवहन करते पकड़े जाने पर मामला दर्ज करने के साथ दुकान का लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस दुकानों, गोदामों और कुरियर केंद्रों की जांच करेगी।
छत्रपति संभाजीनगर, पतंगोत्सव के दौरान नायलॉन और चीनी मांजे से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए छत्रपति संभाजीनगर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। प्रतिबंधित मांजे की बिक्री, भंडारण या परिवहन करते पकड़े जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही दुकान का लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी की जाएगी। मांजे की आपूर्ति करने वालों तक पहुंचने के लिए पुलिस दुकानों से लेकर गोदामों, कुरियर केंद्रों और परिवहन प्रतिष्ठानों तक अचानक जांच अभियान चलाएगी।
पुलिस आयुक्त प्रवीण पवार की अध्यक्षता में 26 अक्टूबर को पुलिस आयुक्त कार्यालय में जागरूकता बैठक आयोजित की गई। इसमें पतंग विक्रेताओं, दुकानदारों, कुरियर संचालकों, इलेक्ट्रॉनिक व्यापार कंपनियों के प्रतिनिधियों और परिवहन व्यवसायियों सहित करीब 75 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बैठक में सभी को प्रतिबंधित मांजे की बिक्री और आपूर्ति नहीं करने की सख्त हिदायत दी गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि नायलॉन मांजा नागरिकों, दोपहिया वाहन चालकों, बच्चों और पक्षियों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। इसी वजह से विक्रेताओं को केवल साधारण सूती धागे की बिक्री करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रतिबंधित मांजे की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अब पतंग उड़ाने वाले बच्चों के पास मौजूद मांजे के बंडल की भी जांच करेगी। मांजा कहां से खरीदा गया, इसकी जानकारी के आधार पर संबंधित दुकानदारों और आपूर्तिकर्ताओं तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।
पुलिस का निशाना केवल खुदरा विक्रेता ही नहीं, बल्कि प्रतिबंधित मांजे के उत्पादन, भंडारण और परिवहन में शामिल लोग भी होंगे। इसके लिए दुकानों, गोदामों, कुरियर केंद्रों और अन्य संबंधित प्रतिष्ठानों की अचानक जांच की जाएगी।
बैठक में पुलिस उपायुक्त शशिकांत सातव और अपराध शाखा के निरीक्षक गजानन कल्याणकर सहित अन्य अधिकारियों ने विक्रेताओं को चेतावनी दी। पुलिस ने कहा कि प्रतिबंधित मांजे के कारोबार में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण कानून और भारतीय न्याय संहिता के संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को नायलॉन या प्रतिबंधित चीनी मांजा खरीदकर न दें। पतंग उड़ाते समय सुरक्षित विकल्प के रूप में साधारण सूती धागे का इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया है। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य पतंगोत्सव के दौरान दुर्घटनाओं को रोकना और नागरिकों के साथ पक्षियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।