प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
नासिक

नासिक-त्र्यंबक मार्ग फोरलेन, कुंभ से पहले बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर फैसला; 154 किमी का विस्तार

Nashik Road Project: केंद्र ने NH-160A के 154 किमी मार्ग को फोरलेन करने की मंजूरी दी है। इससे नासिक-त्र्यंबकेश्वर की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और कुंभ 2027 की तैयारी को गति मिलेगी।

अंकिता पटेल

Nashik Infrastructure Boost: नासिक शहर की अन्य महत्वपूर्ण शहरों के साथ सड़क संपर्क व्यवस्था को अधिक मजबूत और तेज बनाने के लिए राज्य सरकार के साथ अब केंद्र सरकार भी आगे आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैचिनेट समिति ने महाराष्ट्र में सड़क बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

इसके तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-160ए (NH-160A) के अंतर्गत घोटी-त्र्यंबक (मोखाडा)-जव्हार-मानोर-पालघर के 154।635 किलोमीटर लंबे मार्ग को फोर-लेन (चौपदरीकरण) करने की मंजूरी दे दी गई है। वर्ष 2027 में नासिक और त्र्यंबकेश्वर में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले के मद्देनजर इस क्षेत्र की सड़कों के विकास और नए मागों के निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है।

इसके लिए पर्याप्त निधि आवंटित की जा रही है। नासिक सिंहस्थ परिक्रमा मार्ग (रिंग रोड) के लिए भूमि अधिाम्हण का कार्य तेज गति से जारी है और नासिक-त्र्यंबकेश्वर सड़क के चौड़ीकरण के साथ अब घोटी-त्र्यंबकेश्वर मार्ग का विस्तार भी सुनिश्चित हो गया है।

केंद्रीय कैबिनेट के इस फैसले से नासिक को जोड़ने वाली सड़कें अब चार या छह लेन की होंगी। नासिक के पश्चिमी हिस्से में स्थित अंबड और सातपूर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ती माल ढुलाई के कारण वर्तमान में शहर की सड़कों पर भारी दबाव है।

वर्तमान में यह यातायात NH-848 के माध्यम से शहर के भीतर से गुजरता है, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। इस नए प्रोजेक्ट के कारण त्र्यंबक के रास्ते औद्योगिक क्षेत्रों को एक सक्षम वैकल्पिक मार्ग मिलेगा, जिससे शहर का ट्रैफिक कम होगा, विशेष रूप से मुंबई और दक्षिण भारत से आने वाला यातायात इगतपुरी इंटरचेंज के जरिए समृद्धि महामार्ग और फिर NH-160A का उपयोग कर त्र्यंबकेश्वर और नासिक तक तेजी से पहुंच सकेगा।

आर्थिक और सामाजिक विकास को मिलेगी गति

अनुमान है कि 2028 तक इस मार्ग पर वाहनों की संख्या प्रतिदिन 10,000 से अधिक हो जाएगी। इसी दूरदर्शिता के साथ इस परियोजना के लिए 3.320.38 करोड़ रुपये के पूजीगत व्यय को मंजूरी दी गई है।

यह परियोजना 'पीएम गतिशक्ति' सिद्धांतों पर आधारित है, जो महाराष्ट्र के 6 आर्थिक केंद्रों। 7 सामाजिक केंद्रों और 8 लॉजिस्टिक केंद्रों को जोड़ेगी, इसमें मुख्य रूप से तारापुर और बेोईसर के सेग (SEZ), मोखाड़ा औद्योगिक पार्क और वाढा की औद्योगिक बस्तिया शामिल है।

साथ ही त्र्यंबकेश्वर, जव्हार राजवाड़ा, वैतरणा नदी और अनीका किले जजैसे पर्यटन स्थलों को भी इस महामार्ग से बड़ा लाभ मिलेगा। इस परियोजना से पालघर जिले के आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा। जिससे सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी, मार्ग पूरा होने पर यात्रा के समय और वाहनों के रखरखाच के खर्च में भारी कमी आएगी।

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