नासिक कुंभमेला (सोर्स: सोशल मीडिया) 
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Digital Kumbh 2027: AI की तीसरी आंख व कुंभदूत करेंगे श्रद्धालुओं की सुरक्षा, नासिक में तकनीक का महासंगम

AI in Kumbh Mela: नासिक कुंभमेला 2027 में एआई तकनीक का धमाका! 'कुंभदूत' एप देगा श्रद्धालुओं को जानकारी और 5300 कैमरे करेंगे भीड़ की निगरानी। जानें कुंभ एआई स्टैक के बारे में।

गोरक्ष पोफली

Nashik Digital Kumbh 2027: साल 2027 में होने वाला नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभमेला न केवल अपनी भव्यता के लिए, बल्कि अपनी हाई-टेक सुरक्षा के लिए भी विश्व विख्यात होने जा रहा है। प्रशासन ने इस बार आस्था के इस सैलाब को संभालने के लिए 'एआई तकनीक' का कवच तैयार किया है। हाल ही में मुंबई में हुई एक हाई-लेवल वर्कशॉप में विशेषज्ञों ने 'कुंभ एआई स्टैक' का ब्लूप्रिंट पेश किया है, जो सुरक्षा और सुविधा का नया वैश्विक मानक स्थापित करेगा।

12 करोड़ श्रद्धालुओं का स्वागत करेगा कुंभदूत

प्रशासन के अनुमान के मुताबिक, 15 जून से 30 सितंबर 2027 के बीच करीब 12 करोड़ भाविक नासिक पहुंचेंगे। शाही स्नान के मुख्य दिनों पर यह संख्या 2.5 करोड़ प्रति दिन तक जा सकती है। इतनी विशाल भीड़ को सही दिशा दिखाने के लिए 'कुंभदूत' नामक एआई-पावर्ड डिजिटल सहायक लॉन्च किया जा रहा है। यह व्हाट्सएप, ऐप और आईवीआर के जरिए हिंदी, मराठी, अंग्रेजी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में जानकारी देगा। पार्किंग की जगह, ट्रैफिक की स्थिति, नजदीकी अस्पताल और घाटों की जानकारी अब श्रद्धालुओं की उंगलियों पर होगी। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह साधारण फोन और स्मार्टफोन, दोनों पर आसानी से काम करेगा।

एआई कैमरों और ड्रोन से चाक-चौबंद सुरक्षा

भीड़ नियंत्रण (Crowd Management) के लिए नासिक की सड़कों पर 5,300 अत्याधुनिक कैमरों का पहरा होगा। वर्तमान में शहर में 1300 कैमरे हैं, जिनमें 4000 नए एआई-लेस कैमरे जोड़े जाएंगे। 'कुंभ एआई स्टैक' प्रणाली सीसीटीवी और ड्रोन से मिलने वाले डेटा का विश्लेषण करेगी। यदि किसी विशेष क्षेत्र में भीड़ क्षमता से अधिक होने लगेगी, तो यह सिस्टम प्रशासन को घटना होने से पहले ही अलर्ट कर देगा। सेंसर और मोबाइल नेटवर्क डेटा के माध्यम से पुलिस और राहत दल को यह पता चल जाएगा कि किस रास्ते पर दबाव कम है, जिससे भगदड़ जैसी स्थितियों को रोका जा सकेगा।

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कुंभ एआई सैंडबॉक्स में होगा परीक्षण

तकनीक में किसी भी प्रकार की त्रुटि न रहे, इसके लिए मुख्य आयोजन से पहले 'कुंभ एआई सैंडबॉक्स' के जरिए इन प्रणालियों का ट्रायल रन किया जाएगा। यह एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण होगा जहाँ तकनीक का वास्तविक परिस्थितियों में परीक्षण किया जाएगा।

नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभमेला 2027 में तकनीक और परंपरा का अद्भुत मेल देखने को मिलेगा। प्रशासन की यह डिजिटल पहल न केवल श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम बनाएगी, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े मानव समागम को 'जीरो एरर' सुरक्षा प्रदान करने का प्रयास करेगी।

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