Nashik Kumbh Mela: महापौर ने CM फडणवीस से मांगी 15,000 करोड़ की निधि

Nashik Kumbh Mela News: नासिक कुंभमेले के लिए फंड को लेकर मुंबई में महामंथन। महापौर हिमगौरी आडके ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सौंपा मांगों का डोजियर। जानें क्या हैं मुख्य मांगें।
Nashik Kumbh Mela: Mayor Seeks ₹15,000 Crore in Funds from CM Fadnavis
महापौर व CM फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nashik Kumbh Mela Update: नासिक नगर निगम (NMC) की महासभा में फंड की कमी को लेकर पार्षदों के तीखे तेवरों ने प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। नगरसेवकों की नाराजगी के महज 24 घंटे के भीतर महापौर हिमगौरी आडके-आहेर और स्थायी समिति सभापति मच्छिंद्र सानप ने मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक में कुंभमेला मंत्री गिरीश महाजन भी मौजूद रहे, जहाँ नासिक की भविष्य की रूपरेखा पर गंभीर चर्चा हुई।

15,000 करोड़ बनाम 1,260 करोड़: फंड का बड़ा अंतर

सिंहस्थ कुंभमेले की तैयारियों को लेकर महापालिका ने जो प्रस्ताव भेजा था, वह करीब 15,000 करोड़ रुपये का था। हालांकि, अब तक सरकार की ओर से मात्र 1,260 करोड़ रुपये के कार्यों को ही हरी झंडी मिली है। इसी 'फंड गैप' को लेकर जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश था। महापौर ने मुख्यमंत्री को स्पष्ट किया कि यदि वैश्विक स्तर के इस आयोजन को सफल बनाना है, तो बजटीय प्रावधानों में बड़ी बढ़ोतरी अनिवार्य है।

मुख्यमंत्री को सौंपे गए 'डोजियर' की 5 बड़ी मांगें

  • लंबित भूमि राजस्व और गैर-कृषि कर (NA Tax) की राशि को नगर नियोजन विभाग के 50% प्रीमियम शुल्क में एडजस्ट किया जाए।
  • कुंभ क्षेत्र की ओर जाने वाले मुख्य मार्गों, पुलों और विशाल पार्किंग सुविधाओं को तत्काल प्रशासनिक स्वीकृति मिले।
  • इस अभियान के तहत स्वीकृत प्रोजेक्ट्स के लिए रुकी हुई निधि को तुरंत जारी किया जाए।
  • बढ़ती जनसंख्या और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए स्वच्छता और जल निकासी व्यवस्था के लिए अतिरिक्त फंड की मांग।
  • आगरटाकली स्थित ऐतिहासिक रामदास स्वामी मठ के जीर्णोद्धार और वहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव।

नासिक की साख दांव पर

सिंहस्थ कुंभमेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि नासिक के बुनियादी ढांचे को अगले 20 वर्षों के लिए तैयार करने का अवसर है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मांगों को सकारात्मक रूप से लिया है, लेकिन अब देखना यह होगा कि सरकारी खजाने से नासिक के लिए वास्तव में कितनी 'मदद' निकलती है। शहर की निगाहें अब अगले बजटीय आवंटन पर टिकी हैं।

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