नासिक सिंहस्थ कुंभ  (सोर्सः सोशल मीडिया)
नासिक

Nashik News: पारंपरिक पुलिस बल के भरोसे नहीं कुंभ मेला, ह्यूमन-इन-द-लूप के दम पर भीड़ प्रबंधन

Nashik Police: नासिक सिंहस्थ कुंभ में भीड़ प्रबंधन के लिए पुलिस AI आधारित ‘ह्यूमन-इन-द-लूप’ मॉडल अपनाएगी। प्रयागराज महाकुंभ से मिले अनुभव के आधार पर तैयारी की जा रही है।

आंचल लोखंडे

Nashik Simhastha Kumbh: कुंभ मेले में भीड़ प्रबंधन पुलिस और प्रशासन के लिए हमेशा से एक बड़ी चुनौती के साथ धैर्य संयम सतर्कता तत्परता शालीनता की परीक्षा की घड़ी भी होती है। जिस तरह से वर्तमान में सनातन धर्म को लेकर युवाओं में उत्साह जोश के साथ धार्मिक प्रोग्रामों में भारी भागीदारी देखी जा रही है उसको देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि नासिक कुंभ में सरकार प्रशासन का भले ही यह दावा है कि कुंभ में 10 से 12 करोड़ श्रद्धालुओ की आने की संभावना है लेकिन वहीं यह भीड़ 15 से 20 करोड़ तक पहुंच सकती है इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

इस संभावना को बल इस बात से भी मिल रहा है कि प्रयागराज महा कुंभ में सरकार के सारे संभावनाओं को तोड़ती हुई जो भीड़ पहुंची वह सरकार के अनुमान से 25 से 30 प्रतिशत ज्यादा हो गई थी। यही कारण है कि जहां इस बार नासिक पुलिस प्रशासन और महाराष्ट्र सरकार कुंभ मेले में भीड़ प्रबंधन के लिए ए आईं आधारित अति आधुनिक तकनीकों के प्रयोग करने की तैयारी कर रही है वही प्रयागराज महाकुंभ में अनुमानों से ज्यादा आई भीड़ का सफलप्रबंधन की बारीकियों को समझकर उसी माडल को यहां भी यहां भी प्रयोग करने जा रही है।

क्या है ह्यूमन-इन-द-लूप' सिस्टम

इस बार नासिक प्रशासन केवल पारंपरिक पुलिस बल के भरोसे न रहकर 'ह्यूमन-इन-द-लूप' मॉडल पर काम कर रहा है, जहां एआई तकनीक संभावित खतरों को भांपकर पुलिस अधिकारियों को तुरंत अलर्ट करेगी जब एआई कोई डेटा प्रोसेस करता है या निर्णय लेता है, तो इंसान उसकी गलतियों को सुधारते हैं और उसे सही रास्ता दिखाते हैं। इससे एआई की सटीकता बढ़ती है और सिस्टम ज्यादा सुरक्षित व भरोसेमंद बनता है।

प्रयागराज में समझा भीड़ प्रबंधन

नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ को सुरक्षित और सफल बनाने के उद्देश्य से दो दिवसीय दौरे पर गई थी जहां पर नासिक पुलिस ने प्रयागराज के महाकुंभ और माघ मेले से भीड़ प्रबंधन का अनुभव हासिल किया। नासिक के पुलिस आयुक्त संदीप कार्निक के नेतृत्व में टीम ने प्रयागराज कमिश्नरेट के आलाधिकारियों से मिलने के साथ ही संगम क्षेत्र का भी भ्रमण किया। मेले के दौरान पुलिसिंग और सुरक्षा व्यवस्था की बारीकियों को समझा।

अधिकारियों ने टीम को मेला क्षेत्र में भीड़ का दबाव कम करने, श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए वन-वे और डायवर्जन व्यवस्था, प्रमुख स्नान पर्वों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और संवेदनशील स्थानों की निगरानी के बारे में जानकारी ली गई। विशेष रूप से भीड़ प्रबंधन, आपदा प्रबंधन, जल सुरक्षा, यातायात नियंत्रण, खोया-पाया व्यवस्था, आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय से जुड़ी बातें जानने का प्रयास किया।

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