नासिक में फर्जी दस्तावेजों से जमीन हड़पने का आरोप सोर्स: सोशल मीडिया
नासिक

फर्जी आधार-मृत्यु प्रमाण पत्र से हड़पी जमीन! नासिक में करोड़ों की धोखाधड़ी; 2 महिलाओं संग 3 गिरफ्तार, 7 पर FIR

Nashik Land Fraud Arrest: नासिक में फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र, सक्सेशन सर्टिफिकेट और आधार कार्ड से 270 वर्गमीटर जमीन के प्रॉपर्टी कार्ड में नाम दर्ज कराने का आरोप है। 3 गिरफ्तार।

मनीषा बोंदरे

Nashik Land Fraud Fake Documents: नासिक में फर्जी दस्तावेजों के जरिए दूसरे की जमीन के प्रॉपर्टी कार्ड में नाम दर्ज कराने और संपत्ति का सौदा करने का मामला सामने आया है। उपनगर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

फर्जी दस्तावेजों से जमीन हड़पने का आरोप

नासिक में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दूसरे की संपत्ति अपने नाम कराने का मामला सामने आया है। आरोप है कि आरोपियों ने फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र, सक्सेशन सर्टिफिकेट, आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेज तैयार कर सिटी सर्वे कार्यालय में पेश किए और जमीन के प्रॉपर्टी कार्ड में अपने नाम दर्ज करा लिए।

मामले की शिकायत उत्तर प्रदेश निवासी महिला ने पुलिस में की। इसके बाद उपनगर पुलिस थाने में सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो महिलाएं शामिल हैं।

तीन आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनजीत कौर मलकीतसिंग मठाडू, मनतिज कौर जोगिंदरसिंग धोत्रा और रोशन प्रभुदास मोरे के रूप में हुई है। रोशन मोरे राशेगांव, तहसील अचलपुर, जिला अमरावती का निवासी बताया गया है।

पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार करने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपियों से कथित फर्जी दस्तावेज तैयार करने और जमीन के रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है।

चार आरोपियों की तलाश जारी

मामले में सुनील मनोहर सोनकुसरे निवासी नागपुर, राजू बडगुजर और मिलिंद पुरे निवासी नासिक तथा उनके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर तैयार किए गए दस्तावेजों में किस-किस की भूमिका थी और जमीन के रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया कैसे पूरी की गई।

270 वर्गमीटर जमीन पर विवाद

शिकायतकर्ता मिल्की गुरूचरण सोढ़ी, निवासी डिफेंस एस्टेट, आगरा, उत्तर प्रदेश के अनुसार दसक शिवार स्थित सर्वे नंबर 02-01-02-02, प्लॉट नंबर 10 में उनकी 270 वर्गमीटर जमीन है।

शिकायत के अनुसार अप्रैल महीने में आरोपियों ने कथित तौर पर जमीन के संबंध में फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र, सक्सेशन सर्टिफिकेट, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार किए। इसके बाद इन दस्तावेजों को सिटी सर्वे कार्यालय में पेश कर संबंधित जमीन के प्रॉपर्टी कार्ड में अपने नाम दर्ज करा लिए गए।

पुलिस अब पूरे मामले में दस्तावेजों की सत्यता, जमीन के रिकॉर्ड में हुए बदलाव और सभी आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

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