

Danapur Aadhaar Cards Found: नागरिकों की पहचान और पते के महत्वपूर्ण दस्तावेज आधार कार्ड की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना तेल्हारा तहसील के दानापुर में सामने आई है। दानापुर-हिंगणी रोड से लगे एक खेत में 24 आधार कार्ड लावारिस और अस्त-व्यस्त हालत में पड़े मिले। इनमें से कई आधार कार्ड बारिश में भीगने के कारण फट चुके थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ये सभी आधार कार्ड ठाणे जिले के नागरिकों के हैं और डाक के माध्यम से संबंधित धारकों तक पहुंचाने के लिए दिए गए थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दानापुर-हिंगणी मार्ग स्थित खेत में आधार कार्ड पड़े होने की जानकारी गोपाल विखे ने हिवरखेड़ पुलिस स्टेशन को दी।
सूचना मिलते ही पुलिस उपनिरीक्षक गोपाल गिलबिले अपनी टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मौके का पंचनामा कर वहां मिले सभी 24 आधार कार्ड जब्त कर लिए। हिवरखेड़ पुलिस ने आधार कार्ड पर दर्ज संपर्क नंबरों के आधार पर संबंधित धारकों से संपर्क किया। पूछताछ में कुछ आधार कार्ड धारकों ने बताया कि उन्होंने अपने आधार कार्ड अपडेट कराने के लिए दिए थे, लेकिन अपडेट होने के बाद उन्हें अब तक डाक के माध्यम से कार्ड प्राप्त नहीं हुए हैं। ऐसे में उनके आधार कार्ड दानापुर के खेत में कैसे पहुंचे, यह सवाल गंभीर बन गया है। इस घटना ने आधार कार्ड की प्रतियों और मूल दस्तावेजों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।
मिले हुए आधार कार्ड डाक के माध्यम से संबंधित नागरिकों तक पहुंचाने के लिए दिए गए थे, तो वे खेत में कैसे पहुंचे, इसकी जांच जरूरी है। क्या वितरण प्रक्रिया में लापरवाही हुई या किसी स्तर पर दस्तावेजों को खुले में फेंका गया, यह जांच का विषय है। नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष जांच -कर जिम्मेदारी तय करने और भविष्य में ऐसे संवेदनशील दस्तावेजों की सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित करने की मांग की है।
आधार कार्ड में नागरिक का नाम, जन्मतिथि, पता और लिंग जैसी व्यक्तिगत जानकारी होती है। आधार का उपयोग बैंकिंग, सरकारी योजनाओं, सिम कार्ड, शैक्षणिक संस्थानों और विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं में किया जाता है। इसके अलावा आधार व्यवस्था बायोमेट्रिक पहचान से भी जुड़ी है। ऐसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों का खुले में लावारिस मिलना नागरिकों की सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर चिंता बढ़ाने वाला है। सरकारी योजनाओं और विभिन्न कामों के लिए नागरिकों से आधार कार्ड की प्रतियां भी ली जाती है। काम पूरा होने के बाद कई बार ये प्रतियां कार्यालयों में ही पड़ी रहती हैं।