हम नासिककर का विरोध प्रदर्शन (सोर्सः AI) 
नासिक

नासिक में NEET Paper Leak के खिलाफ 'हम नासिककर' का विरोध प्रदर्शन, छात्रों ने मांगा शिक्षा मंत्री का इस्तीफा

Nashik News: हम नासिककर ने NEET Paper Leak के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों और अभिभावकों ने हुतात्मा स्मारक पर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।

सूर्यप्रकाश मिश्र

HUM Nashikkar Protest Against NEET Paper Leak: नीट, सीयूईटी और सीबीएसई परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में अब नासिक की सड़कों पर भी विरोध की लहर दौड़ गई है । हम नासिककर समूह और कॉकरोच आक्रोश आंदोलन के बैनर तले युवाओं, छात्रों और अभिभावकों ने एकजुट होकर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया ।

छत्रपति शिवाजी महाराज प्रतिमा पर जुटा जनसैलाब

शनिवार, 6 जून की सुबह 10 बजे शहर के प्रसिद्ध छत्रपति शिवाजी महाराज पुतले और हुतात्मा स्मारक के पास यह आंदोलन आयोजित किया गया । इस विरोध-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आम नागरिक, चिंतित अभिभावक और विद्यार्थी शामिल हुए ।प्रदर्शनकारियों ने व्यवस्था के प्रति अपना शांतिपूर्ण लेकिन आक्रामक विरोध दर्ज कराते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की ।

व्यवस्था की विफलता' पर युवाओं का प्रहार

आंदोलनकारियों का आरोप है कि केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने में पूरी तरह विफल रहे हैं । प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि देश के मेधावी छात्रों का भविष्य अंधकार में धकेलने वाला यह अब तक का सबसे बड़ा शिक्षा घोटाला है । आंदोलन का नेतृत्व कर रहे युवाओं ने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय और गहन जांच होनी चाहिए ताकि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।

मृत विद्यार्थियों को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

विरोध-प्रदर्शन का सबसे भावुक पल तब आया जब आंदोलनकारियों ने उन छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने NEET Exam घोटाले के कारण उपजे मानसिक तनाव और अवसाद के चलते अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली । इस आक्रोश आंदोलन में राहुल गायकवाड़, समाधान भारतीय, आत्माराम डावरे, अक्षय जाधव, अभिषेक देशमुख, कुणाल जाधव, मृगंका चाटी, आकाश डावरे, विवेक ढगे, साक्षी काकडे और छाया जाधव समेत कई युवा नेता सक्रिय रहे ।

इसके अलावा श्रमिक नेता सीताराम ठोंबरे, तुकाराम सोनजे और वसंत एकबोटे जैसे गणमान्य लोगों ने भी इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया । नासिक में हुए इस प्रदर्शन ने स्पष्ट कर दिया है कि युवा अब शिक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं ।

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