Nashik Godavari pollution: आगामी सिंहस्थ कुंभमेले की तैयारियों के बीच गोदावरी नदी के बढ़ते प्रदूषण ने श्रद्धालुओं की आस्था को झकझोर कर रख दिया है। सोमवार को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के पदाधिकारियों और नगरसेवकों ने रामकुंड परिसर में 'जल आंदोलन' कर महानगरपालिका प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने नदी के प्रदूषित जल में उत्तरकर मनपा प्रशासन की निर्षक्रयता पर कड़ा प्रहार किया।
धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से अत्यंत पवित्र मानी जाने वाली गोदावरी नदी के जल में नासिक शहर के विभिन्न हिस्सों से सीवेज (गंदा पानी) सीधे छोड़ा जा रहा है। दुर्गंधयुक्त पानी और बढ़ते प्रदूषण के कारण नदी की पवित्रता खतरे में पड़ गई है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु रामकुंड और गोदाघाट पर पूजा-अर्चना और स्नान के लिए आते हैं, लेकिन प्रदूषित जल उनके स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहा है।
शिवसेना नेताओं ने आरोप लगाया कि गोदावरी शुद्धिकरण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, फिर भी नदी में मिल रहे सीवेज को रोकने में प्रशासन पूरी तरह विफल रहा है। नदी में गिर रहे सभी ड्रेनेज लाइनों को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। प्रदूषण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए। 66 गोदामाई का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब प्रशासन को जवाब देना ही होगा। - केशव पोरजे, गटनेता, शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे
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इस प्रदर्शन में शिवसेना के गटनेता एवं नगरसेवक केशव पोरजे, महानगर प्रमुख प्रथमेश गीते सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि अगले सात दिनों के भीतर गोदावरी में मिल रहा सीवेज पूरी तरह बंद नहीं किया गया, तो हजारों नागरिकों और शिवसैनिकों को साथ लेकर नासिक में विराट जन आंदोलन किया जाएगा।