5 करोड़ की फिरौती के लिए ठेकेदार का अपहरण, पुलिस दबाव बढ़ते ही वर्धा में छोड़कर फरार हुए आरोपी

Wardha Crime News: बीड के परली से 5 करोड़ की फिरौती के लिए अपहृत ठेकेदार तुकाराम मुंडे को वर्धा के हिंगनघाट में छोड़ा। पुलिस के बढ़ते दबाव के बाद अपहरणकर्ता हुए फरार
बीड के परली से 5 करोड़ की फिरौती के लिए अपहृत ठेकेदार तुकाराम मुंडे को वर्धा के हिंगनघाट में छोड़ा। पुलिस के बढ़ते दबाव के बाद अपहरणकर्ता हुए फरार।
पुलिस आरोपी फरार (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Wardha Beed Contractor: बीड जिले के परली से अपहृत एक ठेकेदार को वर्धा जिले के हिंगनघाट तहसील अंतर्गत धोत्रा क्षेत्र में छोड़ दिए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।अपहरणकर्ताओं ने कथित तौर पर पीड़ित के परिवार से 5 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की थी। पुलिस का दबाव बढ़ने की जानकारी मिलने पर आरोपियों ने उसे आंखों पर पट्टी बांधकर सुनसान स्थान पर छोड़ दिया और फरार हो गए, ऐसी आशंका व्यक्त की जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीड जिले के परली निवासी तुकाराम मुंडे यह ताप विद्युत केंद्र में ठेकेदार के रूप में कार्यरत हैं। 4 जून 2026 को दोपहर में काम समाप्त कर घर लौटते समय तीन अज्ञात व्यक्तियों ने उन्हें जबरन एक चारपहिया वाहन में बैठाकर उनका अपहरण कर लिया था। घटना के बाद अपहरणकर्ताओं द्वारा परिजनों से बड़ी रकम की फिरौती मांगे जाने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए बीड पुलिस की अपराध अन्वेषण शाखा ने जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की। जांच के दौरान पुलिस टीम अमरावती क्षेत्र तक पहुंच गई थी।

दोपहिया सवार मांडवकर ने की मदद

इसी बीच 7 जून को तुकाराम मुंडे को वर्धा जिले के धोत्रा क्षेत्र के समीप सड़क किनारे आंखों पर पट्टी बांधकर छोड़ दिया गया। पट्टी हटाने के बाद उन्होंने सहायता के लिए आवाज लगाई। उसी समय वहां से दोपहिया वाहन से गुजर रहे वर्धा जिले के आंजदा निवासी प्रसन्ना घेमराज मांडवकर ने उन्हें देखा और उनकी मदद की। मांडवकर ने बताया कि मुंडे काफी भयभीत अवस्था में थे। पूछताछ करने पर उन्होंने अपने अपहरन और फिरौती की मांग से जुड़ी पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद प्रसन्ना मांडवकर ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें अपनी दोपहिया से हिंगनघाट पुलिस थाने पहुंचाया।

पीड़ित को किया परिवार के हवाले

हिंगनघाट पुलिस ने तत्काल उनके परिजनों तथा परली पुलिस से संपर्क कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। बाद में तुकाराम मुंडे को परली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। मामले की आगे की जांच परली पुलिस द्वारा की जा रही है। पुलिस का मानना है कि लगातार बढ़ते दबाव और जांच के दायरे के विस्तार के कारण अपहरणकर्ताओं ने पीड़ित को छोड़ने का फैसला किया हो सकता है। हालांकि, घटना के सभी पहलुओं की जांच जारी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।

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