IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस: लालू, तेजस्वी और राबड़ी समेत 9 के खिलाफ आरोप तय, राउज एवेन्यू कोर्ट का बड़ा फैसला

Lalu Family Money Laundering Case: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत 9 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए हैं।
lalu yadav and rabri devi
लालू यादव और राबड़ी देवी (सौजन्य-IANS)
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IRCTC Money Laundering Case: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी के मुखिया लालू प्रसाद यादव को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव सहित 9 लोगों के खिलाफ आरोप तय किया है। यह मामला IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ा है, जिसमें आरोप तय किए गए हैं। अब इस मामले में अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को होगी। कोर्ट ने इस दौरान सभी आरोपियों को पेश होने के लिए कहा है।

बता दें कि मामले में दिल्ली की अदालत ने लालू यादव और 8 लोगों को आरोपी बनाया है। वहीं, बाकी सात आरोपियों को बरी कर दिया गया है। 

क्या है पूरा मामला?

लालू परिवार का यह मामला LARA प्रोजेक्ट्स में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है। कोर्ट ने माना है कि लालू यादव के खिलाफ जांच राजनीति से प्रभावित नहीं थी। अदालत ने कहा LARA प्रोजेक्ट को जिस तरह फायदा पहुंचा वो लालू यादव की भूमिका पर शक पैदा करता है। अदालत ने यह भी कहा कि पटना में ट्रांसफर की गई जमीन अपराध द्वारा हासिल हुई है।

कौन-कौन बनाया गया आरोपी?

कोर्ट द्वारा इस मामले में 9 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं। अदालत ने लारा प्रोजेक्ट्स, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, लालू प्रसाद यादव, पीसी गुप्ता, सरला गुप्ता, सुजाता होटल्स, विजय कोचर तथा विनय कोचर के खिलाफ आरोप तय किए हैं। वहीं अन्य 7 लोगों को बरी किया गया है।

अब इस मामले में 3 अक्टूबर को अगली सुनवाई होगी। अदालत ने सुनवाई के लिए सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है।

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इससे पहले 13 अक्टूबर 2025 को इसी अदालत ने सीबीआई के भ्रष्टाचार मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए थे।

 यादव परिवार लगातार इस पूरे मामले को राजनीतिक साजिश बताता रहा है और उसका कहना है कि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है। मामले में सीबीआई की ओर से विशेष लोक अभियोजक डी.पी. सिंह, जबकि लालू यादव और उनके परिवार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनींदर सिंह सहित अन्य वकीलों ने पैरवी की।

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