नासिक: सड़क निर्माण से बदलेगा संत निवृत्तिनाथ पालकी मार्ग? सवा लाख वारकरियों की सुरक्षा पर मंथन

Nashik News: नासिक में धीमे सड़क निर्माण के कारण संत निवृत्तिनाथ महाराज की पालकी का मार्ग पहली बार बदलेगा। सुरक्षा के लिए जीपीएस तकनीक और विशेष पुलिस बल की मांग की गई है।
Due to slow road work in Nashik, Sant Nivrittinath Palki route may change. Over 1.25 lakh Warkaris will join, and the chariot will be tracked via GPS for safety.
संत निवृत्तिनाथ महाराज पालकी (फोटो.सोशल मीडिया)
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Nashik Sant Nivrittinath News: त्र्यंबकेश्वर से प्रस्थान करने वाली श्री संत निवृत्तिनाथ महाराज की वार्षिक पालकी यात्रा इस वर्ष एक नई चुनौती का सामना कर रही है। नासिक शहर में चल रहे धीमे सड़क निर्माण कार्यों के कारण पालकी का परंपरागत मार्ग बदलना पड़ सकता है। निवृत्ति महाराज समाधि संस्थान ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर वैकल्पिक मार्गों और सुरक्षा व्यवस्था पर मंथन शुरू कर दिया है।

मार्ग बदलने की मजबूरी निर्माण कार्यों का असर

आईटीआई सिग्नल से त्र्यंबक नाका तक पिछले तीन महीनों से सड़क निर्माण कार्य चल रहा है। मार्ग का आधा हिस्सा खुदा होने के कारण वारकरियों की दिडियों का सीबीएस की ओर जाना बेहद कठिन हो गया है। बारिश के मौसम में कीचड़ होने की प्रबल संभावना को देखते हुए, सातपुर की दिशा से आने वाली पालकी के लिए अब नए रास्ते की तलाश की जा रही है। यह पहली बार होगा जब इस ऐतिहासिक पालकी का मार्ग परिवर्तित किया जाएगा।

चांदी के रथ की सुरक्षा, विशेष पुलिस बल की मांग

संस्थान के पदाधिकारियों ने सहायक पुलिस आयुक्त संदीप मिटके से मिलकर सुरक्षा संबंधी कई मांगें रखी है- चांदी के रथ की सुरक्षा के लिए विशेष बंदूकधारी पुलिसकर्मियों की तैनाती की मांग की गई है। पालकी के साथ ऐसे नासिक पुलिस कर्मियों को नियुक्त करने का आग्रह है जो वारकरी परंपरा को समझते हों, आध्यात्मिक सेवा में रुचि रखते हों और व्यसनमुक्त हों। सुरक्षा दल में महिला पुलिसकर्मियों को शामिल करने पर भी जोर दिया गया है, जो पंढरपुर वापसी तक तैनात रहेंगे।

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110 दिडियों संग सवा लाख वारकरी होंगे शामिल संस्थान के अध्यक्ष हभप राहुल सालुके के अनुसार, इस वर्ष यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है- लगभग 110 से 120 दिडियों के साथ सवा लाख से अधिक वारकरी वारी का हिस्सा बनेंगे। सुरक्षा को अत्याधुनिक बनाने के लिए पहली बार पालकी को जीपीएस तकनीक से लैस किया जाएगा। आगामी सप्ताह में पुलिस प्रशासन और देवस्थान समिति की संयुक्त बैठक में नए मार्ग पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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