Ashok Kharat Political Connection (फोटो क्रेडिट-X)  
नासिक

महाराष्ट्र से दिल्ली तक अशोक खरात का जाल: जांच में अंतरराज्यीय राजनीतिक कनेक्शन का बड़ा खुलासा

Captain Ashok Kharat Scandal: नासिक के अशोक खरात केस में बड़ा खुलासा। हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के नेताओं से भी थे संबंध। भविष्य बताने के नाम पर रसूखदारों को फंसाने का खेल उजागर।

अनिल सिंह

Ashok Kharat Political Connection: महाराष्ट्र के नासिक से शुरू हुआ 'भोंदूबाबा' अशोक खरात का कथित यौन शोषण और धोखाधड़ी का मामला अब एक अंतरराज्यीय राजनीतिक स्कैंडल में तब्दील होता नजर आ रहा है। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, यह साफ होता जा रहा है कि खरात का जाल केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं था, बल्कि उसने पड़ोसी राज्यों और देश की राजधानी दिल्ली तक अपनी पहुंच बना ली थी। जांच एजेंसियों को मिली ताजा जानकारी के अनुसार, खुद को 'कैप्टन' बताने वाला यह शख्स भविष्य बताने के नाम पर दूसरे राज्यों के कद्दावर नेताओं और मंत्रियों को भी अपने चंगुल में फांस चुका था।

नासिक पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों के कई प्रभावशाली मंत्री और नेता ज्योतिषीय सलाह लेने के लिए खरात के संपर्क में थे। खरात ने 'कॉस्मोलॉजी एक्सपर्ट' की अपनी झूठी छवि का इस्तेमाल कर इन राजनेताओं का विश्वास जीता था। वह उन्हें चुनावी जीत, राजनीतिक पद और बड़ी सफलताओं के मंत्र देने का दावा करता था, जिसके कारण सत्ता के गलियारों में उसकी पैठ गहरी होती चली गई।

हरियाणा और राजस्थान के मंत्रियों तक खरात की पहुंच

अशोक खरात ने अपने प्रभाव का विस्तार करने के लिए उत्तर भारतीय राज्यों के राजनीतिक हलकों को निशाना बनाया था। जांच में सामने आया है कि हरियाणा और राजस्थान के कुछ कद्दावर नेता नियमित रूप से उसके संपर्क में थे और गुप्त रूप से उससे सलाह लेते थे। इन संपर्कों के माध्यम से उसने न केवल भारी धन उगाही की, बल्कि कई प्रभावशाली लोगों के व्यक्तिगत जीवन में भी दखलंदाजी शुरू कर दी थी। पुलिस अब उन कॉल रिकॉर्ड्स और संदेशों की जांच कर रही है जो खरात और इन बाहरी राज्यों के नेताओं के बीच साझा किए गए थे।

दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में 'कैप्टन' का दखल

जांच एजेंसियों को प्राथमिक संकेत मिले हैं कि खरात का नेटवर्क दिल्ली के महत्वपूर्ण राजनीतिक क्षेत्रों तक भी पहुंच चुका था। वह खुद को एक उच्च-स्तरीय रणनीतिकार और भविष्यवक्ता के रूप में पेश करता था, जिससे दिल्ली में सक्रिय कई छोटे-बड़े नेता उसके झांसे में आ गए। जांच अधिकारियों का मानना है कि इन संपर्कों का उपयोग उसने अपनी अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने और रसूख बढ़ाने के लिए किया। दिल्ली तक फैले इस नेटवर्क के कारण अब इस मामले की गंभीरता कई गुना बढ़ गई है, जिससे यह एक राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा बनता जा रहा है।

सत्ता और भविष्य के खेल में ब्लैकमेलिंग का अंदेशा

पुलिस को शक है कि अशोक खरात केवल भविष्य बताने तक सीमित नहीं था। जब्त किए गए 58 आपत्तिजनक वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से संकेत मिलता है कि उसने इन प्रभावशाली लोगों की कमजोरियों का फायदा उठाकर उन्हें ब्लैकमेल करने की योजना भी बनाई होगी। राजनीतिक सफलता और पद प्राप्ति के मोह में आए इन नेताओं को खरात ने किस हद तक अपने जाल में फंसाया, इसकी सखोल जांच की जा रही है। आने वाले कुछ दिनों में कई बड़े नामों के उजागर होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचना तय है।

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