

Maharashtra Epstein Files : महाराष्ट्र के नासिक जिले से सामने आया 'अशोक खरात मामला' अब राज्य की अपनी 'एपस्टीन फाइल्स' के रूप में देखा जा रहा है। खुद को 'कैप्टन' और 'अंकशास्त्र विशेषज्ञ' बताने वाले अशोक खरात पर एक 35 वर्षीय महिला के साथ नशीला पदार्थ खिलाकर यौन शोषण करने का गंभीर आरोप लगा है। नासिक की सरकारवाड़ा पुलिस ने इस मामले में खरात को गिरफ्तार कर 24 मार्च 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। जांच के दौरान पुलिस ने खरात के ठिकानों से 58 ऐसे वीडियो बरामद किए हैं, जिन्होंने सत्ता और ग्लैमर की दुनिया में हड़कंप मचा दिया है।
इन वीडियो में कई रसूखदार महिलाओं, मशहूर हस्तियों और प्रभावशाली लोगों के होने की आशंका जताई जा रही है, जो जेफरी एपस्टीन के मामले की तरह ही एक बड़े सेक्स स्कैंडल और ब्लैकमेलिंग रैकेट की ओर इशारा करते हैं। पुलिस का मानना है कि खरात अपने ज्योतिष ज्ञान और 'कैप्टन' की छवि का इस्तेमाल कर ऊंचे रसूख वाले लोगों को अपने जाल में फंसाता था। वर्तमान में फॉरेंसिक टीम इन वीडियो की जांच कर रही है ताकि पीड़ितों और इसमें शामिल अन्य चेहरों की पहचान की जा सके।
अशोक खरात का मुख्य आधार सिन्नर तालुका के मिरगाँव में स्थित 'ईशान्येश्वर मंदिर' और उससे जुड़ा ट्रस्ट है। साल 2010 में स्थापित इस ट्रस्ट के माध्यम से खरात ने अपनी सामाजिक और धार्मिक पैठ बनाई थी। मंदिर परिसर के ठीक बगल में उसका एक आलीशान फार्महाउस बना हुआ है, जिसे उसकी 'काली करतूतों' का गढ़ बताया जा रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस ट्रस्ट के नाम पर होने वाले आयोजनों में अक्सर महाराष्ट्र के बड़े राजनेता, वीआईपी हस्तियां और मनोरंजन जगत के सितारे शिरकत करते थे, जिससे खरात को समाज में एक रसूखदार व्यक्ति की पहचान मिली।
मर्चेंट नेवी से सेवानिवृत्त होने के बाद अशोक खरात ने खुद को एक 'कॉस्मोलॉजी एक्सपर्ट' और भविष्यवक्ता के रूप में स्थापित किया। वह लोगों का चेहरा देखकर उनका भविष्य बताने और अंकशास्त्र के जरिए उनकी समस्याओं को हल करने का दावा करता था। इसी की आड़ में वह महिलाओं का विश्वास जीतता और फिर उन्हें नशीली दवाएं देकर उनका शारीरिक शोषण करता था। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में वह धार्मिक अनुष्ठान के बहाने एक महिला के साथ सरेआम अभद्र हरकतें करता दिख रहा है, जो उसके पाखंडी चेहरे को उजागर करता है।
पुलिस की जांच अब खरात की करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति पर केंद्रित है। नासिक, सिन्नर और शिर्डी जैसे शहरों में उसकी महंगी संपत्तियों का पता चला है। जांचकर्ताओं को संदेह है कि खरात ने इन 58 वीडियो का इस्तेमाल रसूखदार लोगों को ब्लैकमेल करने और उनसे बड़ी रकम वसूलने के लिए किया होगा। पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) उसके बैंक खातों और ट्रस्ट के लेन-देन की बारीकी से जांच कर रही है। यह मामला केवल एक बलात्कार का केस नहीं, बल्कि एक बड़े संगठित अपराध और भ्रष्टाचार के नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है, जिसकी परतें खुलना अभी बाकी है।