

SIR पर अभिजीत दीपके का चुनाव आयोग पर हमला
13 करोड़ नाम हटाने के दावे से गरमाई सियासत
चुनाव आयोग ने दावे को बताया भ्रामक, दी सफाई
Delhi To Kerala CJP Campaign Against Gyanesh Kumar: दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद सीजेपी का प्रदर्शन केरलम के कोची में आयोजित हो रहा है। इस प्रदर्शन को जंतर-मंतर एट कोची नाम दिया गया है। इस प्रदर्शन में पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके शामिल हुए। युवाओं की भीड़ को संंबोधित करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाया हैं।
उन्होंने दावा किया कि देश में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटाए गए हैं। दीपके ने सवाल किया कि इतनी बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के बाद चुनावों की निष्पक्षता और स्वतंत्रता पर भरोसा कैसे किया जा सकता है।
चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहते हैं कि जब आप 13 करोड़ से ज़्यादा मतदाताओं के नाम हटा देते हैं, जो कि कुल पंजीकृत वोटों का 13-14 प्रतिशत है, तो हम कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि ये चुनाव निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से हो रहे हैं।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में जारी है। दीपके ने कहा, पूरे देश में वोट हटाए जा रहे हैं। ऐसा एक भी राज्य नहीं है, जहां वोट न हटाए जा रहे हों।
दीपके ने मतदाता सूची में बदलाव को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि इसका प्रभाव चुनावी नतीजों पर पड़ सकता है। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए। इस दौरान उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, एसएफआई नेता आइशी घोष, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विराज देवांग और अभिनेता प्रकाश राज सहित कई लोग मौजूद थे।
अभिजीत दिपके ने युवाओं को संबोधित करते हुए मंच से कहा कि तिरंगा फहराने के कारण हमें जेल भेज दिया गया था लेकिन हम आज भी इसे पूरे गर्व के साथ थामे हुए हैं, और हमेशा ऐसा ही करते रहेंगे।
चुनाव आयोग ने 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए जाने के दावे को भ्रामक बताया है। आयोग के अनुसार, यह आंकड़ा अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थानांतरित, मृत और एक से अधिक जगह दर्ज मतदाताओं की श्रेणियों में रखे गए नामों का है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन पात्र मतदाताओं के नाम छूट गए हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-6 भरकर नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस मुद्दे पर अब राजनीतिक दलों और चुनाव आयोग के बीच बहस तेज हो गई है।