Nagpur VPL Auction 2026: नागपुर में होने वाला विदर्भप्रीमियर लीग (वीपीएल) अब सिर्फ एक क्षेत्रीय टी-20 लोग नहीं रह गया है बल्कि यह धीरे-धीरे इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की राह का मजबूत आधार बनता जा रहा है। सीजन-2 के लिए रिटेंशन के बाद अब 3 मई को होने वाला ऑक्शन इस लीग की दिशा ही नहीं बल्कि खिलाड़ियों की जिंदगी भी बदल सकता है।
वीपीएन का ऑक्शन अब उन खिलाड़ियों के लिए बड़ा मौका बन चुका है जो अब तक सिर्फ क्लब या जिला स्तर तक सीमित थे। नीलामी के जरिए मिलने वाली रकम न सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करेगी बल्कि उन्हें प्रोफेशनल क्रिकेट की दुनिया में आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी देगी।
कई युवा खिलाड़ी, जो पहले सीमित संसाधनों में खेलते थे, अब इस मंच के जरिए बेहतर ट्रेनिंग, फिटनेस सपोर्ट और क्रिकेटिंग एक्सपोजर हासिल कर पाएंगे, यानी वीपीएल का ऑक्शन सीधे तौर पर 'टैलेंट से करिअर' की दूरी कम कर रहा है।
फर्क कम, असर बड़ा आईपीएल जहां करोड़ों की लीग है, कीं वीर्यगत का असली कोकस 'ग्रासरूट टैलेंट' पर है। लेकिन दोनों के बीच एक समानता साफ दिखती है ऑक्शन की रणनीति टीम विल्डिंग का परफॉर्म या बाहर कर माहौल यही कारण है कि वीपीएल अब आईपीएल का छोटा वर्जन नहीं, बल्कि उसकर 'फीडर सिस्टम' बनता जा रहा है।
क्रिकेट एक्सपर्ट्स मानते हैं कि दीपीएस जैसी लीग्स अब टैलेंट स्काउटिंग का नया केंद्र बनती जा रही है। जिस तरह आईपीएल में प्रदर्शन के दम पर खिलाड़ी भारतीय टीम तक पहुंचे है, उसी तरह वैशीपत भी अब सिलेक्टर और स्काउट्स की नजर में आ रहा है। बड़े प्लेटफॉर्म तक पहुंचने का 'एंट्री गैट' बन रहा है। पिछले सहेजन में उभरे खिलाड़ियों को घरेलु क्रिकेट में मौके मिले, और अब सीजन-2 में यह ट्रेड और मजबूत होने की उम्मीद है।
नागपुर क्रिकेट एकेडमी के कोच माधय बाकने का कहना है दीपीएल कर ऑक्शन सिर्फ खिलाड़ियों की नीलमी नहीं बल्कि उनके करिअर का टर्निंग पॉइंट साबित हो। सकता है। खिलाड़ियों की तैयारी यह साफ संकेत दे रही है कि विदर्भ क्रिकेट में बड़ा बदलाव आने वाला है।
बाकरे के अनुसार, इस बार कई ऐसे खिलाड़ी सामने आएगे जो अब तक वीसीए सर्किल में भी नहीं थे वीपीएल उन्हें एक ऐसा मंच दे रहा है जहां वे खुद को टी-20 स्पेशलिस्ट के रूप में स्थापित कर सकते हैं आने वाले समय में आईपीएल जैसे बड़े प्लेटफॉर्म पर विदर्भ के कई चेहरे देखने को मिल सकते हैं, जो अभी गुमनामी में है।
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पिछले सीजन एक अनजान खिलाड़ी ने अवानक टॉप स्कोरर बनकर सबका ध्यान खींचा और अपने करिअर को नई दिशा दी। उन्होंने कहा, 'कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी आर्थिक तंगी के कारण क्रिकेट छोड़ने की कगार पर होते हैं।
कुछ बच्चे पार्ट टाइम काम कर अपने क्रिकेट का खर्च उठाते हैं। ऐसे में 15 से 4 लाख रुपये तक की राशि उनके लिए सिके पैसे नहीं बल्कि करिअर को नया जीवन देने जैसा है।
-नवभारत लाइव के लिए नागपुर से जयदीप रघुवंशी की रिपोर्ट