Vande Mataram Controversy Nagpur Municipal Corporation: आरएसएस मुख्यालय और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृहनगर नागपुर में वंदे मातरम के गायन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। नागपुर मनपा की बैठक में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के केवल दो अंतरे गाए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है, जबकि केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार पूरे छह अंतरे गाना अनिवार्य है।
महाराष्ट्र के नागपुर में भाजपा शासित नागपुर मनपा की आम सभा की बैठक के दौरान एक प्रशासनिक चूक सामने आई है। बैठक की शुरुआत में पारंपरिक रूप से गाए जाने वाले राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के दौरान केवल दो ही अंतरे गाए गए, जबकि केंद्र सरकार के हालिया निर्देशों के अनुसार इसके सभी अंतरों का पूर्ण गायन किया जाना अनिवार्य है।
बता दें कि वंदे मातरम् के गायन को लेकर यह खबर ऐसे समय में सामने आई है, जब हाल ही में कांग्रेस पार्टी की तरफ से अपने राष्ट्रीय अधिवेशन में वंदे मातरम् के केवल दो अंतरे गाने पर भाजपा और उसके सहयोगियों ने कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की तीखी आलोचना की थी। विडंबना यह है कि खुद भाजपा शासित नागपुर मनपा की बैठक में भी केवल दो ही अंतरे गाए गए।
वंदे मातरम् को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश हैं कि सभी सरकारी और आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगान से पहले वंदे मातरम् के सभी छह अंतरों का पूरा गायन किया जाए। पूरा गायन लगभग 3 मिनट 10 सेकंड का होता है।
हालांकि जब नागपुर महानगरपालिका के प्रशासन से इस चूक को लेकर सवाल उठाया गया, तो नगर निगम सचिव रंजना लाडे ने पहले तो पूरा गाना गाए जाने का दावा किया, लेकिन केवल दो अंतरे बजाए जाने की बात सामने आने पर उन्होंने कहा कि वे रिकॉर्डिंग कैसेट की जांच करेंगी कि उसमें कोई तकनीकी खराबी थी या नहीं।
गौरतलब है कि हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम को मंजूरी दी है, जो वंदे मातरम् को कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है और इसका अपमान करने या इसके गायन में बाधा डालने को एक दंडनीय अपराध बनाता है। ऐसे में इस घटना के बाद से स्थानीय प्रशासन के सामने यह सवाल खड़ा हो गया है कि केंद्र के नए निर्देशों के बावजूद निगम में इसका पालन क्यों नहीं किया गया।