

Mewad Chhappan Bhog License Suspended: छत्रपति संभाजीनगर शहर में ग्राहकों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले दो होटलों पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। सुरक्षित भोजन, सुरक्षित महाराष्ट्र अभियान के तहत की गई अचानक जांच में क्रांति चौक स्थित गायत्री मेवाड़ होटल और बीड बायपास, सातारा परिसर स्थित छप्पन भोग थाली रेस्टोरेंट एंड बैंक्वेट हॉल में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
कहीं रसोई में दुर्गंधयुक्त पनीर और काला पड़ा खाद्य तेल मिला, तो कहीं ज्वार-बाजरे के आटे में जीवित कीड़े पाए गए। स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के नियमों की अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए दोनों प्रतिष्ठानों के खाद्य सुरक्षा लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं।
क्रांति चौक स्थित गायत्री मेवाड़ होटल की जांच में रसोई में सब्जी बनाने के लिए काटकर रखा गया पनीर दुर्गंधयुक्त मिला। उस पर उपयोग की अंतिम तिथि अथवा वैधता संबंधी जानकारी भी उपलब्ध नहीं थी। तैयार ग्रेवी और अन्य खाद्य पदार्थों पर उन्हें तैयार करने का समय तथा उपयोग की अवधि अंकित नहीं थी।
जांच के दौरान शौचालय के प्रवेश द्वार के पास अस्थायी विभाजन लगाकर सब्जियां काटी जा रही थीं। आसपास मकड़ी के जाले और गंदगी मिली। उबले हुए नूडल्स बर्तन धोने वाले क्षेत्र में खुले में रखे मिले, जिससे भोजन के दूषित होने का खतरा था।
होटल की रसोई में तलने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा तेल बार-बार गर्म किए जाने के कारण काफी काला पड़ा मिला। कच्चे खाद्य पदार्थ जमीन पर और दीवार से सटाकर रखे गए थे। खाद्य पदार्थों के तापमान नियंत्रण और पुराने सामान को पहले उपयोग करने की व्यवस्था में भी गंभीर खामियां मिलीं। कीटों से बचाव के लिए पर्याप्त व्यवस्था भी नहीं मिली।
गायत्री मेवाड़ होटल पर पहले भी कार्रवाई हो चुकी थी। 18 दिसंबर 2025 को हुई जांच में खामियां मिलने के बाद 29 दिसंबर को सुधार नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
नियमों के उल्लंघन के मामले में न्यायालय ने 10 अप्रैल 2026 को 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था। इसके बाद भी कमियां पाए जाने पर प्रशासन ने अब लाइसेंस निलंबित कर दिया।
बीड बायपास रोड, सातारा परिसर स्थित छप्पन भोग थाली रेस्टोरेंट एंड बैंक्वेट हॉल में 20 अगस्त को खाद्य सुरक्षा अधिकारी के। एल। झाडे ने अचानक जांच की। स्टोर कक्ष में रखे ज्वार और बाजरे के आटे में जीवित कीड़े पाए गए। खराब और कीटग्रस्त खाद्य सामग्री को उपयोग के लिए परिसर में रखा गया था।
जांच में पुराने खाद्य भंडार को पहले उपयोग करने की व्यवस्था का पालन नहीं मिला। खाद्य सामग्री, पैकेजिंग सामग्री, रसायन और निजी सामान के लिए अलग-अलग भंडारण व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं थी। शीतक और हिमशीतक में रखे खाद्य पदार्थ उचित ढंग से व्यवस्थित और चिन्हित नहीं थे।
छप्पन भोग रेस्टोरेंट में भोजन बनाने में इस्तेमाल होने वाले पीने के पानी की आवश्यक जांच के अभिलेख उपलब्ध नहीं मिले। आरओ पानी की जांच का भी उचित विवरण नहीं था। कच्ची खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांच, अधिकृत आपूर्तिकर्ताओं से खरीद, बिल, खेप और स्रोत संबंधी अभिलेख भी उपलब्ध नहीं थे।
खाद्य तेल की नियमित जांच और इस्तेमाल किए गए तेल के निपटारे का विवरण भी नहीं मिला। सफाई की निर्धारित व्यवस्था का पालन नहीं किया जा रहा था और रसोई में पर्याप्त कूड़ेदान भी नहीं पाए गए।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त तथा लाइसेंस प्राधिकारी द। वि। पाटील ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 32(3) के तहत दोनों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। निलंबन अवधि में दोनों प्रतिष्ठान खाद्य पदार्थों का उत्पादन, भंडारण, बिक्री या वितरण नहीं कर सकेंगे।
संयुक्त आयुक्त श्रीकांत करकले ने स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। शहर के सभी होटल और खाद्य प्रतिष्ठानों को स्वच्छता तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने की चेतावनी दी गई है।