Tukaram Mundhe FDA Toll Free Number Issue: खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे इन दिनों एक्शन मोड में हैं और नागरिकों को शुद्ध व सुरक्षित खाद्य पदार्थ सुनिश्चित कराने के लिए राज्यभर में धड़ाधड़ छापामार कार्रवाई कर रहे हैं।
लेकिन हड़कंप मचाने वाली इस प्रशासनिक सख्ती के बीच एफडीए की डिजिटल शिकायत प्रणाली चरमराती नजर आ रही है। जनता को त्वरित राहत देने और मिलावटखोरी की ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने के लिए एफडीए ने हाल ही में complaints mahafda।in पोर्टल शुरू किया है।
इस शिकायत पोर्टल पर शिकायकर्ताओं की सुविधा के लिए एक टोल-फ्री शिकायत नंबर का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है। दावों के मुताबिक इस व्यवस्था से लोगों को ऑन द स्पॉट शिकायत करने की सुविधा मिलनी थी लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है।
एफडीए का यह बहुप्रचारित टोल-फ्री नंबर फिलहाल पूरी तरह 'गूंगा' साबित हो रहा है। लगातार कॉल करने के बाद भी यह नंबर कनेक्ट नहीं होता और बिना किसी रिस्पॉन्स के खुद-ब-खुद डिस्कनेक्ट हो जाता है। हेल्पलाइन की इस बदहाली से परेशान अनेक शिकायतकर्ताओं ने नाराजगी जाहिर की है।
एक तरफ जहां शीर्ष अधिकारी सड़कों पर उतरकर कार्रवाई कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ विभाग का यह डिजिटल नेटवर्क नागरिकों की पहुंच से बाहर बना हुआ है। इस बदहाली ने एफडीए की मंशा और उसकी टेक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए है। इससे नागरिकों में भी नाराजगी देखने को मिल रही है।
इस मामले को लेकर 'नवभारत' द्वारा कई बार एफडीए नागपुर के सह आयुक्त कृष्णा जयपुरकर से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव करने की जहमत तक नहीं उठाई।
इससे यह समझा जा सकता है कि एफडीए के ऐसे जिम्मेदार अधिकारी आम नागरिकों की शिकायतों को कितनी संजीदगी से सुनते होंगे। नागपुर में अब भी कई बड़े रेस्टोरेंट लाइसेंस निलंबित किए जाने के बाद भी धड़ल्ले से चल रहे हैं लेकिन एफडीए के अधिकारियों के पास इसे लेकर पूछने पर भी कोई जवाब नहीं है।
ऑनलाइन पोर्टल complaints।ma-hafda।in पर शिकंजा कसने के दावे नागपुर शहर के निवासियों के लिए सिरदर्द साबित हो रहे हैं। कुछ नागरिकों ने बताया कि इस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया बेहद जटिल और त्रुटिपूर्ण है।
शिकायत दर्ज करते समय यूजर को अपने क्षेत्र की तहसील' चुननी अनिवार्य होती है। हैरानी की बात यह है कि पोर्टल की ड्रॉप-डाउन सूची में 'नागपुर शहर' (तहसील) का कोई विकल्प ही शामिल नहीं किया गया है, जबकि नागपुर ग्रामीण तहसील सहित सहित सभी तहसीलों के विकल्प उपलब्ध है।
नागपुर शहर का विकल्प न मिलने के कारण शिकायत का फॉर्म अधूरा रह जाता है जिससे पोर्टल शिकायत स्वीकार ही नहीं करता, टोल फ्री नंबर बंद होने और पोर्टल पर तकनीकी गड़बड़ी के कारण नागपुर शहर के नागरिक मिलावटखोरों के खिलाफ चाहकर भी शिकायत दर्ज नहीं करा पा रहे है।